बालिकाओं को पॉक्सो एक्ट और साइबर अपराधों से बचाव की दी जानकारी
शिक्षा
25-Jul-26
छिंदवाड़ा

बच्चों और किशोरियों के विरुद्ध बढ़ते अपराधों को रोकने तथा उन्हें उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से शासकीय पीएम श्री एमएलबी कन्या छात्रावास में बाल सुरक्षा एवं विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष सुशांत हुद्वार के निर्देशन एवं जिला शिक्षा अधिकारी जगदीश इरपाचे तथा प्राचार्य अल्का श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं न्यायाधीश राकेश सिंह ने छात्राओं को पॉक्सो एक्ट-2012 की जानकारी देते हुए कहा कि कानून की जानकारी के अभाव में बच्चों के साथ होने वाले अपराध बढ़ रहे हैं। उन्होंने छात्राओं को गुड टच और बैड टच की पहचान करने तथा किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक घटना होने पर तत्काल अपने अभिभावकों, शिक्षकों या पुलिस को सूचना देने की सलाह दी। साथ ही चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 का उपयोग करने के लिए भी प्रेरित किया।
उन्होंने बताया कि बालिकाओं के साथ छेड़छाड़, पीछा करना, अश्लील टिप्पणी करना, फोटो या वीडियो वायरल करना, सोशल मीडिया पर अंजान लोगों से दोस्ती करना तथा सार्वजनिक स्थानों पर किसी भी प्रकार की अभद्र हरकत कानूनन अपराध की श्रेणी में आती है।
कार्यक्रम में न्यायाधीश प्रशांत सिंह ने छात्राओं को मौलिक अधिकारों एवं मौलिक कर्तव्यों की जानकारी देते हुए कहा कि अधिकारों के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करना भी उतना ही आवश्यक है। वहीं, विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य श्यामल राव ने किशोर न्याय अधिनियम-2000 एवं नियम-2023 के प्रावधानों के साथ प्रदेश में बढ़ रहे नाबालिगों से जुड़े अपराधों और गुमशुदगी के मामलों की जानकारी दी।
छात्राओं को बताया गया कि किसी भी प्रकार के शोषण या अपराध की स्थिति में पुलिस हेल्पलाइन 112 और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर निःशुल्क सहायता प्राप्त की जा सकती है। कार्यक्रम में जीवन जीने का अधिकार, शोषण से संरक्षण का अधिकार, विकास का अधिकार तथा सहभागिता के अधिकार सहित बाल अधिकारों की विस्तृत जानकारी भी दी गई। कार्यक्रम का संचालन अधीक्षक परवीन मंसूरी ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन शिक्षक कृष्णा माहोरे ने किया। आयोजन को सफल बनाने में छात्रावास एवं विद्यालय के समस्त स्टाफ का सराहनीय सहयोग रहा।