छात्रों को दी पॉक्सो एक्ट और साइबर सुरक्षा की जानकारी
छिंदवाड़ा
22-Jul-26
छिंदवाड़ा

बालकों के विरुद्ध बढ़ते अपराधों की रोकथाम और उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय उमरिया ईसरा में बाल सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष सुशांत हुद्वार के निर्देशन में प्राचार्य अरुण गुप्ता की उपस्थिति में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं न्यायाधीश राकेश सिंह ने छात्रों को पॉक्सो एक्ट-2012 की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कानून की जानकारी के अभाव में कई बार बच्चे अपराध का शिकार हो जाते हैं। ऐसे में प्रत्येक छात्र-छात्रा को पॉक्सो एक्ट के प्रावधानों की जानकारी होना आवश्यक है, ताकि वे स्वयं को सुरक्षित रख सकें और किसी भी प्रकार के शोषण या अपराध की स्थिति में उचित कदम उठा सकें।
कार्यक्रम में बालिकाओं के साथ छेड़छाड़, पीछा करना, अभद्र मजाक करना, महिलाओं की फोटो या वीडियो वायरल करना, सोशल मीडिया पर अंजान लोगों से दोस्ती करना तथा सार्वजनिक स्थानों, बसों, ट्रेनों, घर और कार्यस्थलों पर होने वाले अनुचित व्यवहार को अपराध की श्रेणी में आने संबंधी जानकारी भी दी गई।
विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य श्यामल राव ने प्रदेश में बढ़ रही नाबालिग बालिकाओं की गुमशुदगी और बाल अपराधों की स्थिति पर प्रकाश डालते हुए बच्चों को सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि किसी भी महिला या बालक के साथ होने वाले शोषण अथवा अपराध की सूचना तत्काल पुलिस डायल-112 और चाइल्ड हेल्पलाइन-1098 पर दी जा सकती है।
कार्यक्रम में बच्चों को उनके मौलिक अधिकारों की जानकारी भी दी गई। इसमें जीवन जीने का अधिकार, शोषण के विरुद्ध संरक्षण का अधिकार, विकास का अधिकार और सहभागिता का अधिकार शामिल हैं। वक्ताओं ने कहा कि इन अधिकारों की जानकारी बच्चों को आत्मविश्वासी और सुरक्षित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। कार्यक्रम के सफल आयोजन में प्राचार्य अरुण गुप्ता सहित शिक्षिका अभिलाषा दुबे, पूनम इनवाती, संगीता आम्रवंशी, रिफत कुरैशी, सुखमान उइके और उमाकांत बर्मन सहित विद्यालय के शिक्षकों का सराहनीय सहयोग रहा।