पशुपालन एवं डेयरी विभाग में लक्ष्य पूरा नहीं तो रूकेगा वेतन
कृषि जगत
01-Aug-26
योजनाओं के लक्ष्य समयसीमा में पूर्ण करने के दिये निर्देश

छिन्दवाडा
उप संचालक पशुपालन एवं डेयरी विभाग डॉ.एच.जी.एस. पक्षवार ने शनिवार को जिले के विकासखंड अमरवाड़ा के पशु चिकित्सा विस्तार अधिकारियों, पशु चिकित्सकों, सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारियों एवं गौसेवक/मैत्री की मॉनिटरिंग करते हुए पशु चिकित्सालय अमरवाड़ा में समीक्षा बैठक ली। उप संचालक डॉ.पक्षवार ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप प्रगति नहीं की जाएगी, उनके आगामी माह के वेतन रोकने की कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री वृंदावन ग्राम योजना के अंतर्गत चयनित ग्रामों में शत-प्रतिशत केसीसी, कृत्रिम गर्भाधान, पशु उपचार, टीकाकरण एवं बधियाकरण कार्य सुनिश्चित करते हुए विभाग की सभी योजनाओं का लाभ पशुपालकों तक पहुंचाने के निर्देश भी दिए गए। इसके अलावा आचार्य विद्यासागर गौसंवर्धन योजना तथा डेयरी प्लस योजना के लक्ष्यों को समयसीमा में पूर्ण कर डी.डी. तैयार कर कार्यालय में प्रस्तुत करने तथा डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना के प्रकरणों को लक्ष्यानुसार बैंकों में जमा कर स्वीकृति एवं वितरण सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए।
बैठक में हिरण्यगर्भा अभियान के अंतर्गत अवर्णित पशुओं में कृत्रिम गर्भाधान, गर्भ परीक्षण एवं वत्सोत्पादन के लक्ष्यों के अनुरूप उपलब्धि प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। वहीं क्षीरधारा ग्राम योजना के तहत प्रत्येक ग्राम में केसीसी पशुपालन शिविर आयोजित कर अधिक से अधिक आवेदन भरवाने और निर्धारित लक्ष्य पूर्ण करने पर जोर दिया गया।
समीक्षा के दौरान गौशालाओं में अवर्णित पशुओं में कृत्रिम गर्भाधान की प्रगति बढ़ाने, प्रत्येक कृत्रिम गर्भाधानकर्ता द्वारा प्रतिदिन कृत्रिम गर्भाधान कर भारत पशुधन एप में प्रविष्टि सुनिश्चित करने तथा गौसेवक/मैत्री योजना के अंतर्गत सभी ग्राम पंचायतों से मैत्री एवं गौसेवकों का चयन करने के निर्देश दिए गए। साथ ही सेक्स सार्टेड सीमन से अधिक से अधिक कृत्रिम गर्भाधान कराने के लिए पशुपालकों के बीच व्यापक प्रचार-प्रसार कर निर्धारित लक्ष्य समयावधि में शत-प्रतिशत पूर्ण करने के लिए कहा गया। बैठक में डॉ. रविंद्र नागले, डॉ. छत्रपाल टांडेकर, डॉ. शानू टांडेकर, डॉ. मयंक परवारी, डॉ. दिव्या भलावी, डॉ. दीपिका परतेती सहित समस्त सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी एवं गौसेवक/मैत्री उपस्थित थे।