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गणराज्य का एक वादा 76 वर्षों के बाद हुआ साकारः बंटी विवेक साहू

गणराज्य का एक वादा 76 वर्षों के बाद हुआ साकारः बंटी विवेक साहू
राजनीति
01-Aug-26
राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण संशोधन विधेयक 2026 को लेकर सांसद ने दी प्रतिक्रिया

छिंदवाड़ा

लोकसभा में राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण संशोधन विधेयक 2026 को संसद द्वारा पारित कर दिया गया है, इस विधेयक को राज्यसभा द्वारा भी मंजूरी प्रदान कर दी गई है। राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम 1971 में संशोधन करता है जिससे राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् को राष्ट्रगान के समतुल्य वैधानिक संरक्षण प्रदान किया जा सके। लोकसभा और राज्यसभा में पारित किए गए इस ऐतिहासिक कानून पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए सांसद बंटी विवेक साहू ने कहा कि मोदी सरकार में गणराज्य का एक वादा 76 वर्षों के बाद साकार हुआ है। यह विधेयक मूल रूप से 24 जनवरी 1950 को संविधान सभा के अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र प्रसाद द्वारा दिए गए 76 वर्ष पुराने उस गंभीर आश्वासन को साकार करता है जिसमे वंदे मातरम् को जन गण मन के बराबर सम्मान दिया जाएगा। सांसद बंटी विवेक साहू ने कहा कि यह विधेयक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए वंदे मातरम् 7 नवंबर 2025 नवंबर से 2026 तक वर्ष भर चलने वाले 150वें जयंती समारोह के ऐतिहासिक प्रतीक के रूप में कार्य करता है। वंदे मातरम् भारतीय राष्ट्रत्व का बीज-मंत्र है। 

सांसद ने कहा कांग्रेस ने राष्ट्र से पहले परिवार को रखा

सांसद बंटी विवेक साहू ने कहा कि कांग्रेस ने राष्ट्र से पहले परिवार को रखा था, कांग्रेस ने बार-बार भारत के राष्ट्रीय प्रतीकों को राष्ट्रीय गौरत राजनीतिक समझौते के विषय के रूप में माना। 1975 का आपातकाल इसका सबसे स्पष्ट उदाहरण है। इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा पूर्व प्रधान मंत्र के चुनाव को अमान्य करने के बाद, कांग्रेस सरकार ने न्यायिक निर्णय को स्वीकार करने के बाद आपातकाल लगाने का विकल्प चुना, मौलिक अधिकारों को निलंबित कर दिया, प्रेस को सेंसर कर दिया नेताओं को जेल में डाल दिया। उन्होंनेे कहा कि दिल्ली उच्च न्यायालय के समक्ष गृह मंत्रालय ने कहा था कि राष्ट्रगान के विपरीत वंदे मातरम् के अपमान या गायन में बाधा डालने के लिए कोई दंडात्मक प्रावधान मौजूद नहीं है। वंदे मातरम् के 150वें जयंती वर्ष में यह राष्ट्रीय गीत को वैधानिक संरक्षण प्रदान करके एक लंबे समय से चली आ रही नैतिक प्रतिबद्धता को लागू किए जाने योग्य कानूनी गारंटी में बदल देता है।
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