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पांच कर्तव्यों की धार्मिक भावनाओं पर दिया मार्गदर्शन

पांच कर्तव्यों की धार्मिक भावनाओं पर दिया मार्गदर्शन
धर्म
10-Sep-26
कच्छी वीसा ओसवाल जैन समाज मना रहा पर्युषण पर्व

छिंदवाड़ा 

श्री कच्छी वीसा ओसवाल जैन संघ छिंदवाड़ा द्वारा पर्युषण पर्व के पावन अवसर पर कल द्वितीय दिवस विभिन्न धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रमों के साथ मनाया गया। जिसमें नीरव भाई आराधक द्वारा पर्युषण के पाँच कर्तव्यों, अमारी प्रवर्तन, साधर्मिक वात्सल्य, क्षमापना, अट्ठम तप एवं चौत्र परिपाटी के महत्व एवं उनकी धार्मिक भावना पर मार्गदर्शन दिया गया। साथ ही भगवान के अस्तित्व एवं जिनवाणी में वर्णित आध्यात्मिक सिद्धांतों पर भी सारगर्भित व्याख्यान प्रदान किया। इसके अतिरिक्त विभिन्न  कार्यक्रमों के माध्यम से देरासर में आने-जाने की मूलभूत धार्मिक मर्यादाओं, पूजा के लिए उचित तैयारी, घर से देरासर तक जाते समय जीवदया एवं अनुकंपा दान की भावना, तथा देरासर में की जाने वाली पूजा-विधि की जानकारी दी गई ।

विशेष रूप से अंग पूजा के चार प्रकार जल पूजा, चंदन पूजा, पुष्प पूजा एवं धूप/दीप आदि की भावनात्मक विधि, साथ ही अग्र पूजा, भाव पूजा एवं प्रतिपत्ति पूजा के आध्यात्मिक महत्व को सरल रूप में समझाया जाएगा, ताकि प्रत्येक श्रावक-श्राविका पूजा को केवल परंपरा के रूप में नहीं, बल्कि श्रद्धा, समर्पण एवं आत्मशुद्धि की साधना के रूप में कर सके।

कल्पसूत्र ग्रंथ का वरघोड़ा 

आज श्री कल्पसूत्र ग्रंथ जी का वरघोड़ा श्री संघ के साथ लाभार्थी परिवार मातुश्री चेतनाबेन दिलीपभाई परिवार के निवास स्थान झूमते गाते आनंद के साथ गया। इस अवसर पर परिवार द्वारा रात्रि में भक्ति भावना एवं धार्मिक आयोजन भी किया गया है। पर्युषण पर्व आत्मचिंतन, संयम, तप, त्याग, मैत्री और क्षमाभाव का पर्व है। अतः सभी सदस्य अधिकाधिक धार्मिक कार्यक्रमों में सहभागी बनकर धर्माराधना एवं आत्मकल्याण की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
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