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हिन्दी के परिवार को छिन्न-भिन्न न करें: त्रिपाठी

हिन्दी के परिवार को छिन्न-भिन्न न करें: त्रिपाठी
छिंदवाड़ा
20-Sep-26
हिन्दी प्रचारिणी ने आयोजित किया हिन्दी दिवस समारोह

छिन्दवाड़ा

जिले की ऐतिहासिक साहित्यिक संस्था हिन्दी प्रचारिणी समिति ने हिंदी दिवस पर कार्यक्रम आयोजित किया जिसमें बड़ी संख्या में हिन्दी प्रेमी उपस्थित थे। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय से हिन्दी विभाग के अधिष्ठाता और विभागाध्यक्ष प्रो. आनंद प्रकाश त्रिपाठी उपस्थित थे। इस अवसर पर हिन्दी की आठ दशकों सेवा करने वाले वयोवृद्ध साहित्यकार डॉ. वीरेन्द्र सिंह सिसोदिया एवं युवा रचनाधर्मी श्रीमती स्वर्णा दीक्षित को उनकी साहित्य सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया।

वर्तमान परिस्थितियां हिन्दी की गुणवत्ता को कमजोर कर रही

हिन्दी साधना का विषय है, हिन्दी का परिवार बहुत बडा है, यह एक समृद्ध भाषा है। आज के इस तकनीकि एवं आधुनिक युग में भी हिन्दी की प्रासंगिकता कम नहीं हुई है। अनेक बोलिया और विभिन्न क्षेत्रीय भाषाएं हिन्दी का श्रृंगार है। यह सब हिन्दी के परिवार का ही अंग है। जब हम हिन्दी में बात करते है तो इसके इन अंगों को छिन्न-भिन्न नहीं किया जा सकता। वर्तमान परिस्थितियों ने हिन्दी की गुणवक्ता को कमजोर किया है। हिन्दी की गुणवक्ता उसके संपन्न शब्दों और अक्षरों से ही है। हिन्दी में अनेक अहिन्दी भाषी शब्दों का मिलन कराकर इस गौरवशाली भाषा को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है। उक्त उद्‌गार डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय से हिन्दी विभाग के अधिष्ठाता और विभागाध्यक्ष प्रो. आनंद प्रकाश त्रिपाठी ने व्यक्त किये।

श्रीमती मंजू देशमुख की पुस्तक अरूणिमा का विमोचन

कार्यक्रम में नगर के सुधी श्रोता एवं हिन्दी प्रेमी उपस्थित थें। कार्यक्रम में नगर की हिन्दी हस्ताक्षर श्रीमति मंजू देशमुख, शिक्षिका द्वारा लिखित पुस्तक अरूणिमा का विमोचन भी किया गया। कार्यकम के मुख्य अतिथि सहित अतिथियों को अभिनंदन पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर व्यंग्य चित्रकार राजकुमार चौहान द्वारा बनाए गए व्यंग्य चित्र भी अतिथियों को भेंट किया गया। कार्यक्रम में हिन्दी प्रचारिणी समिति के अध्यक्ष शिवकुमार गुप्ता, उपाध्यक्ष प्रणय नामदेव, मंत्री श्याम सुंदर चांडक, कोषाध्यक्ष प्रकाश साव, साहित्य सचिव शैलेन्द्र तिवारी, शिक्षासचिव नवनीत व्यास, पुस्तकालय सचिव अनूप शर्मा, वाचनालय सचिव अरविन्द्र राय, डॉ. राजेन्द्र कुमार जैन, दिलीप जैन, डॉ. मनीषा जैन, एस. पी. माहौरे, डॉ. दिलीप खरे, डॉ. अभिलाषा भांगरे, शाला प्राचार्य श्रीमती नम्रता चंदेल शाला शिक्षक-शिक्षिका एवं शाला समिति कार्यालय कर्मचारी मौजूद रहे।
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