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जिला स्तरीय तीन दिवसीय कृषि मेला एवं मिलेट फूड फेस्टिवल का हुआ शुभारम्भ

जिला स्तरीय तीन दिवसीय कृषि मेला एवं मिलेट फूड फेस्टिवल का हुआ शुभारम्भ
छिंदवाड़ा
26-Feb-26
मिलेट्स के स्वास्थ्य लाभों की मिली जानकारी, मिलेट्स व्यंजनों का उठाया आनंद 

छिन्दवाडा

जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग द्वारा आयोजित तीन दिवसीय जिला स्तरीय कृषि मेला एवं मिलेट फूड फेस्टिवल सह रोड शो 2026 का गुरुवार को पोला ग्राउंड (दशहरा मैदान) में भव्य शुभारम्भ हुआ। मेले की औपचारिक शुरूआत कलेक्टर हरेंद्र नारायन, पुलिस अधीक्षक अजय पाण्डेय, नगर निगम महापौर विक्रम अहके, शेषराव यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष संजय पुन्हार और मुख्य महाप्रबंधक नाबार्ड भोपाल श्रीमती सी.सरस्वती द्वारा रिबन काटकर की गई। जिसके बाद मां सरस्वती के पूजन - अर्चन के साथ कार्यक्रम की पारंपरिक शुरूआत की गई। राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान का सामूहिक गायन किया गया। 

तीन दिवसीय आयोजन के दौरान आदिवासी अंचलों की संस्कृति को लोकगीत एवं लोकनृत्य के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। अतिथियों के स्वागत में प्रस्तुत भारिया आदिवासियों का भड़म नृत्य और भारिया श्रीजी वृंदावन आर्ट द्वारा प्रस्तुत कालबेलिया नृत्य भी सभी के आकर्षण का केंद्र रहा प्रसिद्ध गायिका श्रीमती शालिनी चौहान, श्रीमती अलका वानखेड़े, गायक निशांत बादशाह और दूरदर्शन आकाशवाणी के राष्ट्रीय कलाकार बसंत कावड़े व सुखनंदन अहके की प्रस्तुतियों ने भी उपस्थित सभी जनों का मनमोहा।

इस अवसर पर सभी जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने मेला स्थल में लगे जिले के एफपीओ, स्व सहायता समूहों, कृषकों एवं पड़ोसी जिले नरसिंहपुर, डिंडौरी, मंडला के किसनों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया और विभिन्न उत्पादों के संबंध में जानकारी भी प्राप्त की। शुभारम्भ कार्यक्रम के बाद जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों द्वारा मिलेट्स जागरूकता रोड शो को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।  कार्यक्रम को कृषि जितेंद्र कुमार सिंह, शेषराव यादव, महापौर विक्रम अहके, जिला पंचायत अध्यक्ष संजय पुन्हार, सीजीएम नाबार्ड श्रीमती सी सरस्वती, जबलपुर के वैज्ञानिक डॉ. शुक्ला आदि ने संबोधित किया।

30 से अधिक मिलेट्स व्यंजनों के स्टॉल 

मेले में जिले के एफपीओ, स्व-सहायता समूह, एनजीओ एवं निजी संस्थाओं द्वारा 30 से अधिक फूड स्टॉल लगाए गए हैं। प्रमुख रूप से पातालकोट की रसोई एवं वनभोज की रसोई द्वारा मक्के की रोटी, टमाटर की चटनी, बैंगन भर्ता, कुटकी चावल, मिलेट्स चीला/डोसा, रागी सूप, मक्के की भेल, कुटकी की खीर, महुआ की पूड़ी, मक्के का खूद, महेरी, लड्डू, मकर संक्रांति विशेष मिठाइयाँ एवं बाजरे की खिचड़ी जैसे देशी व्यंजन आमजन के लिए उपलब्ध हैं। विभिन्न स्टॉलों पर ज्वार, बाजरा, कोदो, कुटकी एवं रागी से बने व्यंजनों का विक्रय किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त जिले में उत्पादित चिरौंजी की बर्फी, स्ट्रॉबेरी, शहद, कच्ची घानी का तेल, गुड़ पाउडर एवं क्यूब, कोदो-कुटकी चावल आदि के स्टॉल आकर्षण का केंद्र हैं। इसके अलावा नरसिंहपुर-गाडरवाड़ा की प्रसिद्ध तुअर दाल एवं जैविक गुड़ तथा मंडला जिले की प्रसिद्ध गोंड पेंटिंग का प्रदर्शन भी मेले में किया गया है।

कार्यक्रम के दौरान विजय पांडे, कमलेश उइके,  भारत घई, संजय पटेल, मेर सिंह चौधरी, टीकाराम चंद्रवंशी, कांता ठाकुर, श्री रामाकांत, तरुण सोनी, अनीस पटेल, श्री लाडे सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, उप संचालक कृषि  जितेन्द्र कुमार सिंह सहित कृषि एवं सह सम्बन्ध विभागों के सभी अधिकारी, कृषि वैज्ञानिक, कृषक भाई एवं बहनें, गणमान्य नागरिक और पत्रकार बंधु उपस्थित थे।
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