आदिवासी प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष की हत्या के दोषियों को फांसी देने की मांग
राजनीति
03-Aug-26
जिला कांग्रेस आदिवासी प्रकोष्ठ ने राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

छिन्दवाड़ा
जिला कांग्रेस आदिवासी प्रकोष्ठ ने राष्ट्रपति के नाम अपनी मांगों का ज्ञापन कलेक्ट्रेट पहुंचकर सौंपा। सात सूत्रीय मांगों में मुख्य रूप से रीवा कांग्रेस आदिवासी प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष की हत्या की निष्पक्ष जांच व दोषियों को फांसी की सजा दिए जाने की मांग की है। कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस आदिवासी प्रकोष्ठ के पदाधिकारियों ने कहा कि मप्र में भाजपा जब से सरकार है तब से आदिवासियों के दम व अत्याचार का सिलसिला सतत रूप से जारी है।
प्रस्तुत ज्ञापन में रीवा कांग्रेस आदिवासी प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष अमित कोल के हत्यारों को फांसी की सजा देने व पीड़ित परिवार को 1 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की है। परिवार के एक सदस्य को शासकीय नौकरी, दिवंगत के दो मासूम बेटों की सम्पूर्ण शिक्षा का व्यय मप्र शासन वहन करें। दिनांक 09 अगस्त को विश्वस आदिवासी दिवस पर पर आदिवासी समाज के सम्मान में मप्र मेंर शासकीय अवकाश घोषित किया जाए। जनजाति छात्रावास एवं शासकीय आईटीआई मप्र शासन के जनजाति कार्य विभाग द्वारा संचालित आदिवासी बालक व कन्या छात्रावासों का निजीकरण न किया जाए उसे शासकीय ही रखा जाए। शासकीय आईटीआई संस्थानों का निजीकरण ना किया जाए उसे शासकीय ही रखा जाए। शासकीय कॉलेजों में पढ़ रहे बच्चे किराए के कमरों में रह रहे हैं, उनका किराया तत्काल उनके बैंक खातों में जमा किया जाए।
ज्ञापन प्रस्तुत करते समय ईश्वर वाडिवा, संजय परतेती, दशरथ उइके, भगवानदास भारती, नरेश इनवाती, दिलीप परतेती, मनोज धुर्वे, कुलदीप धुर्वे, श्रीमती पूनम उइके, श्रीमती दुर्गा सलामे, आशीष कुमरे, कमलेश राज, मनोहर सिंह, श्रीमती रेणु सरयाम, पूनम उइके व राजकुमार धुर्वे सहित अन्य पदाधिकारी व कार्यकर्तागण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।