यूरिया-खाद संकट को लेकर किसानों ने किया चक्का जाम
छिंदवाड़ा
03-Aug-26
नई वितरण व्यवस्था और भू-दस्तावेज सत्यापन में आ रही दिक्कत

छिंदवाड़ा/अमरवाड़ा
यूरिया खाद वितरण में ई-टोकन व्यवस्था बंद होने के बाद नई प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं मिलने से नाराज किसानों ने सोमवार को अमरवाड़ा के जेल रोड स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग पर चक्का जाम कर दिया। किसानों ने आरोप लगाया कि नई व्यवस्था में भ्रम की स्थिति बनी हुई है, जिससे उन्हें समय पर यूरिया खाद नहीं मिल पा रही है और खेती-किसानी के कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
पटवारियों की हड़ताल से प्रभावित हो रहा कार्य
किसानों का कहना है कि ई-टोकन व्यवस्था समाप्त होने के बाद खाद वितरण की नई प्रक्रिया स्पष्ट नहीं की गई है। वहीं खाद प्राप्त करने के लिए आवश्यक भू-अभिलेखों के सत्यापन का कार्य भी पटवारियों की हड़ताल के कारण प्रभावित हो रहा है। इसके चलते किसानों को घंटों तक भटकना पड़ रहा है और कई किसानों को बिना खाद लिए वापस लौटना पड़ रहा है।
चक्काजाम खत्म कराने पहुंचा प्रशासन
चक्का जाम की सूचना मिलते ही तहसीलदार सृष्टि डेहरिया, थाना प्रभारी राजेंद्र धुर्वे तथा एसएडीओ अनीता डेहरिया मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने किसानों से चर्चा कर उनकी समस्याएं सुनीं और शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। अधिकारियों की समझाइश के बाद किसानों ने आंदोलन समाप्त कर सड़क से जाम हटाया, जिसके बाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात सामान्य हो सका। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि यूरिया खाद वितरण के लिए तत्काल स्पष्ट, सरल और पारदर्शी व्यवस्था लागू की जाए। साथ ही पटवारी हड़ताल के दौरान भू-अभिलेखों के सत्यापन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि किसानों को समय पर खाद मिल सके और कृषि कार्य प्रभावित न हों।
किसानों का कहना समय पर यूरिया की उपलब्धता आवश्यक
किसानों का कहना है कि खरीफ सीजन में यूरिया की समय पर उपलब्धता अत्यंत आवश्यक है। यदि वितरण व्यवस्था में जल्द सुधार नहीं किया गया तो किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि समस्याओं का समाधान नहीं होने पर वे आगे भी आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।