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कांग्रेस का तंज, स्कूल भवनों की टपकती छत और भव्य बनता भाजपा का कार्यालय

कांग्रेस का तंज, स्कूल भवनों की टपकती छत और भव्य बनता भाजपा का कार्यालय
राजनीति
24-Jul-26
भाजपा के राज में शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार सब में है बदहाली: कांग्रेस

छिन्दवाड़ा

युवा और बच्चे देश का भविष्य है, शिक्षा व स्वास्थ्य पहली प्राथमिकता है, यह पंक्तियां सिर्फ कांग्रेस की सरकार में चरितार्थ थी। भाजपा की सरकार में जनता का साथ और भाजपा नेताओं का विकास ही मूलमंत्र है। ना रहेगा स्कूल.. ना पढ़ेंगे बच्चे..और ना ही उपजेगी बेरोजगारी। इसीलिये भाजपा सरकार ने शिक्षा की जड़ में ही मठा डालने का काम पूरी लग्न के साथ प्रारंभ किया है। जिसका नमूना जिले की बदहाल शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के रूप में सामने आ रहा है। जर्जर भवनों में पढ़ने को मजबूर नौनिहाल और भाजपा का भव्य बनता कार्यालय। भाजपा सरकार की प्राथमिकताएं यहां साफ नजर आ रही है। यह वही जिला जिसे मप्र के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ जी एवं जिले के पूर्व सांसद नकुलनाथ जी ने बेहतरीन शिक्षण संस्थान, शिक्षा व्यवस्था और उत्तम दर्जे की स्वास्थ्य सेवाओं से नवाजा था। चंद वर्षों में भाजपा के सांसद ने इसे बर्बाद कर दिया। भाजपा पर तंज कसते हुए यह बात जिला कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता नितिन उपाध्याय ने जारी बयान में व्यक्त किए।

प्राथमिक स्कूलों की छतों से टपक रहा पानी

जिले के शासकीय प्राथमिक व माध्यमिक स्कूल ऐसे भवनों में संचालित हो रहे हैं जिनकी छतों से पानी टपक रहा है, प्लास्टर गिर रहा है तो कहीं लोहे की सरिया नजर आ रही है, लेकिन यह बिगड़े हुए बुरे हालात सांसद को नजर नहीं आ रहे। केन्द्र से लेकर राज्य तक और जिले तक तीन इंजन वाली सरकार में विकास का झूठा सपना जनता को दिखाने वाले भाजपाइयों को टपकती हुई छत दिखाई नहीं दे रही। बयानबाजी और मुंह चलाने वाले भाजपाइयों की अब जुबान नहीं खुल रही।

स्कूलों में नहीं है शिक्षक

जिले के अधिकांश स्कूलों में एक शिक्षक है या फिर शिक्षक ही नहीं है। आदिवासी अंचल में शिक्षा के हाल बहुत बुरे हैं और इसके लिए सीधे तौर पर भाजपा की सरकार जिम्मेदार है। स्कूल भवनों की रिसती हुई छत भाजपा सरकार में शिक्षा व्यवस्था का सबसे बड़ा लीकेज है, इसीलिये पेपर लीक में कोई कमी नहीं आ रही। सबसे बड़ा प्रश्न यह कि पार्टी कार्यालय का भव्य भवन निर्माण चल रहा है, लेकिन सरकार के पास स्कूल भवनों की मरम्मत के लिए राशि नहीं है। इससे बड़ा दुभार्ग्य जिले का क्या होगा जहां शिक्षा के मंदिर से मामूली बारिश में पानी का रिसाव जारी है।

स्वास्थ्य व्यवस्थाओं के भी है बुरे हाल

शिक्षा ही नहीं स्वास्थ्य सुविधाओं के भी बुरे हाल है, समय पर चिकित्सा सेवाएं नहीं मिल रही। आए दिन जिलेभर से आने वाले मरीजों को असुविधाओं का सामना करना पड़ता है। हर साल भाजपा स्वास्थ्य शिविर का ढिंढोरा पीटती है और आंकड़ें पेश करती है इसके बाद भी अस्पतालों में ना ही भीड़ कम होती है और ना ही अव्यवस्थाओं में कोई सुधार होता है। बेरोजगारी यथावत है उसमें कोई कमी नहीं है, कमी सिर्फ भाजपा जिला अध्यक्ष शेषराव यादव के बयान से ही आ रही है, उनका तर्क है कि समाचार पत्रों में प्रकाशित आंकड़ें तथ्यहीन है, उनका मानना है कि भाजपा नेता जो कहते हैं वही सत्य होता है, लेकिन उन्हें रोजगार मांगते हुए युवाओं की भीड़ नजर नहीं आती।
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