कांग्रेस विधायक का बयान महिलाओं और एससी-एसटी समाज के प्रति अपमानजनक: भाजपा जिलाध्यक्ष
छिंदवाड़ा
17-Jan-26
छिंदवाड़ा
भाजपा जिलाध्यक्ष शेषराव यादव ने कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया द्वारा दिए गए बयान को महिलाओं और एससी-एसटी समाज के प्रति अपमानजनक और अपराधिक सोच का करार देते हुए घोर विरोध कर कार्यवाही की मांग की। भाजपा जिलाध्यक्ष शेषराव यादव ने कहा कि कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया का बयान किसी क्षणिक भूल का परिणाम नहीं, बल्कि महिलाओं और एससी-एसटी समाज के प्रति उनकी बीमार, विकृत और आपराधिक सोच को उजागर करता है। उन्होंने कहा कि ऐसे शब्द लोकतंत्र में अस्वीकार्य ही नहीं दंडनीय भी हैं। उन्होंने कहा कि महिला कोई वस्तु नहीं, कोई प्रदर्शन की चीज नहीं-वह सम्मान, स्वाभिमान और अधिकारों की प्रतीक है इसीलिए सभ्य समाज में महिलाओं को देवी के रूप में पूजा जाता है।

श्री यादव ने बताया पूर्व में भी विधायक श्री बरैया में विवादित बयान दिए है जिनमे कांग्रेस विधायक फूलसिंह बरैया ने कहा था रानी लक्ष्मीबाई अंग्रेजों से पेंशन लेती थी, मैंने किताब में पढ़ा, उन्होंने आत्महत्या की, फिर वो वीरांगना कैसे। उन्होंने कहा था आत्महत्या करने वाले को सभी ने वीरांगना कहा तो फिर रोज 10 लड़कियां आत्महत्या कर रही हैं, उनको भी लिखो वीरांगना। विधायक श्री बरैया ने 14 जनवरी 2026 को दलित एजेंडा कार्यक्रम में संयुक्त चुनाव प्रणाली से एससी-एसटी विधायक कुत्ते जैसी हालत में हैं, आदिवासियों को हिंदू न बनने दें जैसे शब्द कहे थे। विधायक श्री बरैया ने 5 अक्टूबर 2024 को प्रशासनिक अधिकारियों को धमकी देते हुए कहा था कि मशीनों का दुरुपयोग या वोट लूटने पर हाथ तोड़ देंगे, आंख फोड़ देंगे। उन्होंने 2 अक्टूबर 2020 को कहा था वक्त है, नहीं जागे अनुसूचित जाति के लोग तो सवर्ण देश को हिंदू राष्ट्र बना देंगे। उन्होंने यह भी कहा था कि झांसी की रानी लक्ष्मीबाई शहीद नहीं हुई, ग्वालियर आकर आत्महत्या की। ऐसे बयान उनकी कुंठित मानसिकता को दर्शाते है।
श्री यादव ने कहा भाजपा की केंद्र और राज्य सरकारे महिला सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्व है और इस दिशा में हमारी सरकारो ने इन योजना को लागू किया है। केंद्र सरकार की महिला-सम्मान एवं सशक्तिकरण योजनाएं है उनमे बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, लिंगानुपात सुधार, शिक्षा और सम्मान, नारी शक्ति वंदन अधिनियम से संसद व विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण, उज्ज्वला योजना से करोड़ों महिलाओं को धुएं से मुक्ति, स्वास्थ्य सुरक्षा, जन-धन योजना से महिलाओं की आर्थिक भागीदारी और आत्मनिर्भरता, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, मातृत्व सम्मान और पोषण सुरक्षा, सुकन्या समृद्धि योजना से बेटियों का सुरक्षित भविष्य, मुद्रा योजना से महिला उद्यमियों को आत्मनिर्भर बनाने का सशक्त माध्यम, तीन तलाक कानून से मुस्लिम महिलाओं को न्याय और गरिमा प्रमुख है। इसी तरह राज्य सरकार की महिला-सम्मान योजनाएं लागू की जिनमे लाड़ली बहना योजना से महिलाओं को आर्थिक संबल और सम्मान, लाड़ली लक्ष्मी योजना से बालिकाओं की शिक्षा व सुरक्षा, मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना से बेटियों के सम्मानजनक विवाह, स्व-सहायता समूहों को प्रोत्साहन से महिलाओं को रोजगार व स्वावलंबन, महिला सुरक्षा से जुड़े कड़े कानून व त्वरित कार्रवाई, आंगनवाड़ी, पोषण और स्वास्थ्य योजनाएं से मातृ-शिशु सुरक्षा आदि योजनाएँ लागू की गई।