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पंचमुखी हनुमान मंदिर समिति को लेकर कांग्रेस नेता ने लगाया सांसद पर बड़ा आरोप

पंचमुखी हनुमान मंदिर समिति को लेकर कांग्रेस नेता ने लगाया सांसद पर बड़ा आरोप
छिंदवाड़ा
27-Sep-25
पुरानी और नई समिति के बीच कांग्रेस ने की एंट्री

छिंदवाड़ा

कलेक्ट्रेट परिसर के अंदर तहसील कार्यालय के सामने स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर में इन दिनों मंदिर में अधिकार को लेकर दो समितियों के बीच विवाद चल रहा है। इस विवाद में अब कांग्रेस नेता गुंजन शुक्ला की भी एंट्री हो गई। शनिवार को कांग्रेस नेता गुंजन शुक्ला ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए सांसद बंटी विवेक साहू और उनके पिता पर आरोप लगाए है। यह पहला मामला है जब सांसद के पिता को भी विवाद का केंद्र बनाया जा रहा है।

क्या है मामला

पंचमुखी हनुमान मंदिर में आने वाली दान राशि से लेकर मंदिर प्रबंधन तक की व्यवस्था चलाने के लिए समिति का पंजीयन जबलपुर कार्यालय में कराया गया था। लेकिन कुछ दिन पूर्व इसी मंदिर के प्रबंधन पर अपने अधिकार को लेकर एक नई समिति ने दावा कर मंदिर में रखी दान पेटियों का ताला तोड़कर और संबंधित महत्वपूर्ण कागज अपने पास रख लिए। इसको लेकर पूर्व समिति जिसका कार्यकाल 2026 तक है ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई लेकिन समिति में सांसद के पिता का नाम भी आ रहा है इस कारण पुलिस बहुत ही सोच समझकर कदम उठा रही है।



कांग्रेस नेता गुंजन शुक्ला ने लगाया गंभीर आरोप

जारी प्रेस विज्ञप्ति में गुंजन शुक्ला ने कहा कि सांसद के इशारों पर उनके कुत्सित मानसिकता वाले लोगों को एकजुट कर अवैधानिक समिति का गठन कर नरेन्द्र साहू को अध्यक्ष का पद दिया गया। रात के अंधेरे में अवैधानिक समिति के सदस्य अमित राय, सुजीत नामदेव, रामनाथ बांधे सहित अन्य साथियों ने मंदिर की दानपेटी व आलमारी का ताला तोड़ा। श्री शुक्ला ने आगे कहा कि “श्री पंचमुखी हनुमान मंदिर सेवा समिति” विधिवत जबलपुर से पंजीकृत है जिसका कार्यकाल वर्ष 2026 तक है। ऐसी स्थिति में दूसरी समिति का गठन किया जाना नियम विरुद्ध है। भाजपा ने मंदिरों में भ्रष्टाचार की शुरुआत महाकाल लोक से की जो अब छिन्दवाड़ा जिला मुख्यालय स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर तक पहुंच गई है। श्री शुक्ला ने आगे कहा सांसद कब्जा करने में कम से कम मंदिर को तो छोड़ दो।

शासन व प्रशासन की मौन स्वीकृति

श्री शुक्ला ने आगे कहा कि श्री पंचमुखी हनुमान मंदिर सेवा समिति के सदस्यों ने 23 सितम्बर 2025 को मंदिर में घटित हुई सम्पूर्ण घटना से जिला कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर अवगत कराया गया। किन्तु सांसद का कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक पर इतना दबाव है कि वे कोई भी कार्रवाई नहीं कर पा रहे। 

मंदिर का बदल दिया क्यूआर कोड

मंदिर का वर्षों से संचालन कर रही समिति का एक क्यूआर कोड मंदिर में लगा हुआ था जिस पर श्रद्धालु भक्तजन ऑनलाइन दान किया करते थे। अवैधानिक रूप से बनाई गई समिति ने उस क्यूआर कोड को बदलकर अन्य क्यूआर कोड लगा दिया है, अब ऑनलाइन दान की राशि किसके खाते में जा रही है यह स्पष्ट होना चाहिए। 
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