बढ़ता प्रदुषण को कम करने हुआ मंथन
छिंदवाड़ा
26-Dec-25
पर्यावरण संरक्षण में हो सभी का योगदान
छिंदवाड़ा
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली के निर्देश पर शीतकालीन के दौरान वायु गुणवत्ता मे हो रही गिरावट को द्रष्टि गत रखते हुये आज सुरक्षित करोगे तो भविष्य सुरक्षित रहेगा थीम पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण छिंदवाड़ा के द्वारा माननीय प्रधान जिला न्यायाधीश सुशांत हुद्वार के निर्देशन मे स्थानीय संदीपनी विध्यालय गचरैया मे पर्यावरण प्रदूषण पर संवाद कार्यक्रम किया गया ।
जड़ों के बगैर वृक्ष में बढ़ोत्तरी नही हो सकती। जड़ों से काटकर कोई भी वृक्ष जीवित नही रह सकता। हमारे लिए हमारी संस्कृति ही हमारी जड़ है और भारतीय संस्कृति की जड़ों में है वन, वृक्ष, पानी, भूमि , याने की पूरी प्रकृति । प्राकृतिक आभा और हरियाली से आच्छादित जैवविविधता की वंसुधरा धीरे धीरे मूल स्वारुप को खोती जा रही है। नदियों का जल अपनी पवित्रता पर अब नाज नही कर सकता।वातावरण में बहने वाली हवा भी प्रदुषण के जहर से दूषित है,जिसका मुख्य कारण वाहनो , खेतो की नरवाई मे आग एवं फेक्ट्रीयो एवं प्लांट की चिमनियों से निकलने वाले जहरीला धूंआ आदि के साथ आरटिकल 51 A ,48 A एवं पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 जैसे उक्त बातें न्यायाधीश एवं विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव राकेश सिंह ने छात्रो. के बीच कही।
विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य श्यामल राव ने कहा कि बढ़ते प्रदूषण ओर जहरीले हवा से होने वाली अम्लीय वर्षा हम सभी के लिए घातक हे ,पर्यावरण की यह दुर्दशा मानव जनित कृत्यो से ही हुई है और इसका खामियाजा भी मानव को ही भुगतना होगा। भावी पीढ़ी को अच्छा वातावरण देने की सार्थक पहल करने अपने विचार रखे।
इस अवसर पर प्राचार्य अब्दुल हक ने कहा की हम सभी को अपने घरो मे सोलर पेनल लगाकर ऊर्जा का संरक्षण के साथ प्रदूषण को कम करने सहायक सिद्व होगा ओर हम सब यह संकल्प ले की हम सब अपने अपने घरो मे कम से कम दो पौधे का रोपण कर भावी पीढ़ी को सुरक्षित करने अपील की है। उक्त कार्यक्रम को सफल बनाने में शिक्षक रश्मि शर्मा, कल्पना डेहरिया, सुमिता उबनारे, यशवंत प्रजापति, क्रष्ण चंद्र जावलकर, सोरभ बिसेन का सराहनीय सहयोग रहा ।