‘छिंदवाड़ा के नाथ’ पर भाजपा को आपत्ति
राजनीति
16-Sep-26
गणेश भगवान के साथ नकुलनाथ की फोटो पर लिखा छिंदवाड़ा के नाथ
धार्मिक आस्था की आड़ में राजनीतिक ब्रांडिंग का प्रयास: शेषराव यादव

छिंदवाड़ा
कांग्रेस द्वारा छिंदवाड़ा स्थित कांग्रेस कार्यालय में इतिहास में पहली बार गणेश उत्सव का आयोजन किए जाने के बाद पूर्व सांसद नकुलनाथ द्वारा सोशल मीडिया अकाउंट पर भगवान श्री गणेश के साथ अपनी तस्वीर साझा करते हुए ‘छिंदवाड़ा के नाथ’ लिखे जाने पर भाजपा जिलाध्यक्ष शेषराव यादव ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
श्री यादव ने कहा कि राजनीतिक लाभ लेने के लिए नकुलनाथ ने संपूर्ण सृष्टि के नाथ भगवान श्री गणेश को ‘छिंदवाड़ा के नाथ’ नाम देने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि भगवान श्री गणेश किसी व्यक्ति, परिवार अथवा राजनीतिक दल के नहीं, बल्कि संपूर्ण समाज और सृष्टि की आस्था के आराध्य हैं।
भाजपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि श्रद्धा थी तो स्थापना के समय सहभागिता क्यों नहीं की और यदि उद्देश्य धार्मिक था तो बाद में अपनी राजनीतिक पहचान को भगवान श्री गणेश की तस्वीर के साथ जोड़कर प्रचारित करने की आवश्यकता क्यों पड़ी?
उन्होंने कहा कि ‘छिंदवाड़ा के नाथ’ कहना केवल शब्दों का खेल नहीं है, बल्कि इसके पीछे राजनीतिक संदेश छिपा हुआ है। भगवान श्री गणेश को संपूर्ण सृष्टि का नाथ माना जाता है। ऐसे आराध्य देव के साथ अपनी तस्वीर लगाकर उन्हें ‘छिंदवाड़ा के नाथ’ के रूप में प्रस्तुत करना धार्मिक आस्था को व्यक्तिगत राजनीतिक पहचान से जोड़ने का प्रयास है।
श्री यादव ने कहा कि “भगवान श्री गणेश संपूर्ण सृष्टि के नाथ हैं। उन्हें राजनीतिक लाभ के लिए ‘छिंदवाड़ा के नाथ’ कहना भगवान की महिमा को सीमित करने और धार्मिक आस्था को व्यक्तिगत राजनीतिक ब्रांडिंग से जोड़ने का प्रयास है। छिंदवाड़ा की जनता किसी व्यक्ति को अपना ‘नाथ’ नहीं मानती, वह अपने प्रतिनिधि चुनती है और उनसे जनसेवा की अपेक्षा करती है।”
उन्होंने कहा कि “छिंदवाड़ा की जनता सब देख रही है। चुनाव के समय त्योहार याद आने और चुनाव के बाद जनता से दूरी बनाने की राजनीति अब नहीं चलेगी। राजनीतिक पहचान भगवान श्री गणेश की तस्वीर के सहारे नहीं, बल्कि लगातार जनता के बीच रहकर की गई सेवा और जन विश्वास से बनती है।”