भाजपा सांसद सिंचाई कॉम्प्लेक्स पर लूट रहे झूठी वाहवाही: कांग्रेस
छिंदवाड़ा
23-Apr-26
केन्द्रीय योजनाओं के अन्तर्गत अधिग्रहित भूमि का पहले से ही मिल रहा चार गुना मुआवजा
छिन्दवाड़ा
विकास का विजन कमलनाथ एवं नकुलनाथ का है, इसका प्रमाण सिंचाई कॉम्प्लेक्स परियोजना से लेकर वे सम्पूर्ण कार्य है जिनकी कल्पना छिन्दवाड़ा-पांढुर्ना जिलेवासियों ने कभी की थी, उसे नेताद्वय ने पूरा किया है। बगैर घोषणा और भाषण के, लेकिन योजनाओं और परियोजनाओं के प्रारंभ होते ही विरोध करने का कार्य भाजपा के उन लोगों ने किया है जो आज आगे आकर स्वयं ही तालियां पीटकर झूठा श्रेय ले रहे। स्वयं की तरह जनता को भी अनभिज्ञय समझने वाले सांसद यह भूल गए कि सिंचाई कॉम्प्लेक्स परियोजना की आधारशिला मप्र के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ व जिले के पूर्व सांसद नकुलनाथ ने रखी जिसका भरपूर विरोध उन लोगों ने किया जो आज वाहवाही लूटने में लगे हैं वह भी झूठी।
दरअसल छिन्दवाड़ा सिंचाई कॉम्प्लेक्स परियोजना को मिली अतिरिक्त राशि एक नियम के तहत प्रदान की गई है जो पूरे प्रदेश के लिए लागू हुआ है, इसमें सांसद का फूटी कौड़ी का भी योगदान नहीं है, वे केवल झूठा श्रेय लेने में जुटे हैं। उक्त उदगार पांढुर्ना विधायक श्री निलेश उइके ने सांसद के बयान पर पलटवार करते हुए व्यक्त किए हैं।
श्री उइके ने आगे कहा कि कमलनाथ एवं नकुलनाथ का उद्देश्य सिंचाई कॉम्प्लेक्स परियोजना से छिन्दवाड़ा-पांढुर्ना जिले के किसानों की कृषि भूमि को सिंचित कर उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है जिसके लिए उन्होंने इस परियोजना के तहत संगम 1 परियोजना से 8283 हैक्टेयर क्षेत्र सिंचित होगा, तहसील जुन्नारदेव के 50 ग्राम लाभान्वित होंगे। संगम 2 परियोजना से 95638 हैक्टेयर क्षेत्र सिंचित होगा और तहसील बिछुआ, छिंदवाड़ा, उमरेठ, मोहखेड़ व चांद के 374 ग्राम लाभान्वित होंगे। भाजपा जिला अध्यक्ष रहते बंटी साहू के षड्यंत्र और विरोध के चलते पहले तो यह परियोजना समय पर पूरी नहीं पाई। बड़े ही हास्य का विषय है कि अब वही तालिया पीटकर झूठी वाहवाही लूटने में लगे हैं। लेकिन सच्चाई जनता जानती है कि इस परियोजना को प्रारंभ रखने व समय पर पूरा करने के लिए हर संभव प्रयास किए हैं। सत्ता की लोभी भाजपा ने माननीय कमलनाथ जी की सरकार नहीं गिराई होती तो छिन्दवाड़ा सिंचाई कॉम्प्लेक्स का कार्य पूरा हो चुका होता।
कांग्रेस ने सरकार से मांग की है कि विकास कार्यों के लिए जिन किसानों की भूमि अधिग्रहित की जाती है उसे रेलवे की तरह चार गुना मुआवजा व परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी भी दी जाए। केवल चार गुना मुआवजा दिया जाना पर्याप्त नहीं है।