भाजपा सरकार यूपीआई के माध्यम से करेगी वसूली: कांग्रेस
राजनीति
16-Sep-26
नकदी से डिजिटल किया फिर डिजिटल से नकदी पर आने की नौबत

छिन्दवाड़ा
भाजपा सरकार ने डिजिटल को बढ़ावा देने के नाम पर खूब वाहवाही लूटी, उस दौर में भाजपाई नेताओं ने इसके फायदे भी खूब गिनवाए, जैसे चीनी महंगी होने पर नुकसान बताने लगे थे। अब इसी भाजपा सरकार ने ने यूपीआई के उपयोग पर शुल्क लगा दिया है, लेकिन सारे भाजपाई नेता अब चुप हैं, क्योंकि आम जनता आक्रोशित है, भाजपा सरकार के द्वारा की जा रही लूट से। यूपीआई के उपयोग पर लगाए जाने वाले शुल्क के खिलाफ कांग्रेस के जिला प्रवक्ता नितिन उपाध्याय ने उक्त उदगार व्यक्त किए।
केन्द्र की भाजपा सरकार के निर्णय को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने कहा कि जनता को किश्तों में लूटा जा रहा है। पहले कैशलैश ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देकर बाजार से चिल्लर खत्म किए फिर एटीएम से पैसे निकाले पर शुल्क लगाया ताकि लोग डिजिटल ट्रांजेक्शन की तरफ बढ़ें, अब जबकि लोग पूरी तरह यूपीआई पर निर्भर हो गए तो सरकार ने इस पर भी शुल्क लगा दिया। बाजार में छोटी राशि देने और चिल्लहर की कमी के चलते मजबूरीवश लोगों को यूपीआई पर निर्भर रहना पड़ेगा और इसका सीधा फायदा सरकार को होगा। वर्तमान में जो विषम परिस्थितियां निर्मित की गई है वह पूरी तरह आम आदमी की आय पर और बचत पर संकट डालने वाली है।
यूपीआई से 2,000 से ज्यादा पेमेंट पर 0.4 प्रतिशत चार्ज लगेगा। फीस की मैक्सिमम लिमिट 300 रुपए तक की गई है। यह अमाउंट अलग-अलग ट्रांजैक्शन पर निर्भर करेगा। यह शुल्क ग्राहकों से नहीं बिजनेसमैन से लिया जाएगा। कारोबारियों की चिंताए इससे बढ़ेगी और वे किसी ना किसी माध्यम से इस राशि को ग्राहक से वसूलने का प्रयास करेंगे या फिर डिजिटल भुगतान लेने से इनकार करेंगे। इन परिस्थितियों में आम आदमी पर दोहरी मार पड़ेगी। क्योंकि बाजार में सबसे बड़ी परेशानी चिल्लहर राशि की है, ऐसे में भुगतान का पूरा तानाबाना बिगड़ जाएगा साथ ही छोटे और बड़े दोनों ही वर्ग के व्यापारियों के लिए यह निर्णय पूरी तरह परेशानी भरा है। लेकिन दुर्भाग्य की भाजपा सरकार आम जनता की परेशानियों को समझने के लिए किसी भी स्तर पर तैयार नहीं है। क्योंकि भाजपा को तानाशाही पूर्ण निर्णय लेने की आदत हो चुकी है।