भाजपा जिला अध्यक्ष की विकास व जनविरोधी सोच हुई उजागर: सोनू मागो
राजनीति
06-Jul-26
आदिवासियों पर अत्याचार, नगर पालिका और नगर निगम में भ्रष्टाचार की जवाबदेही निभा रही बीजेपी
छिन्दवाड़ा
भाजपा के तीन इंजन वाली सरकार की जवाबदेही, निष्क्रिय महापौर व सांसद और स्वयं भाजपा जिला अध्यक्ष अपनी नैतिक जिम्मेदारी से भाग रहे। ठीक उसी तरह जिस तरह लगभग 22 वर्षों से प्रदेश की सत्ता में काबिज भाजपा सरकार छिन्दवाड़ा जिले के विकास की जवाबदेही से भाग रही। मेरा भाजपा जिलाध्यक्ष से सीधा प्रश्न है कि क्या तीन इंजन वाली भाजपा सरकार की जवाबदेही सिर्फ देश के मंदिरों से चंदा चोरी करने तक सीमित है। आदिवासी भाइयों पर अत्याचार, जमीन खरीदी फरोख्त, नगर पालिका और नगर निगम में भ्रष्टाचार तक सीमित है या जनता की समस्याओं के निराकरण की भी जिम्मेदारी है। उक्त उदगार शहर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष धर्मेन्द्र सोनू मागो ने भाजपा जिला अध्यक्ष के बयान पर पलटवार करते हुए व्यक्त किए।
जारी बयान में श्री मागो ने आगे कहा कि नगर पालिक निगम क्षेत्र की जनता बूंद-बूंद पानी के लिए तरस गई तब भाजपा जिला अध्यक्ष शेषराव यादव कुछ नहीं बोले। किसान खाद के लिए त्रस्त, फसलों के उचित दाम पाने के लिए परेशान है, लेकिन वे कुछ नहीं कहते। जैसे ही मप्र के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ एवं जिले के पूर्व सांसद नकुलनाथ ने नागरिकों के हितों और जिले के विकास के लिए ठोस कदम उठाते हैं, भाजपा जिला अध्यक्ष के पेट में दर्द उठ जाता है। स्वयं कुछ करते नहीं और कमलनाथ जी एवं नकुलनाथ जी के जनहित के कार्यों पर सिर्फ उंगलियां उठाते हैं। जिले की जनता भाजपा के 22 साल के कार्यकाल को देख रही कि किस तरह भाजपा भ्रष्टाचार का सबसे मजबूत गढ़ बन चुकी।
भाजपा ने पेयजल के लिए आज तक कोई ठोस इंतजाम नहीं किए, विकास के नाम पर फूटी कौडी का काम नहीं किया यह बात जग जाहिर है, लेकिन कमलनाथ जी एवं नकुलनाथ जी ने जैसे ही शुद्ध पेयजल सप्लाई हेतु पानी के तीन टैंकर प्रदान किए शेषराव यादव कमियां ढूंढने निकल गए। दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सोचा होता तो सराहना करते। निगम में 60 टैंकर है यह बता रहे पर यह नहीं बता रहे उनमें कमलनाथ जी एवं नकुलनाथ जी के दिए हुए कितने हैं?
छिन्दवाड़ा विश्वविद्यालय, एग्रीकल्चर कॉलेज, हॉर्टिकल्चर कॉलेज स्वयं के भवन से विहीन है, इस पर भाजपा जिला अध्यक्ष और भाजपा कुछ नहीं कह रही। जनता तो भाजपा जिला अध्यक्ष से सवाल पूछ रही कि तीन इंजन की सरकार मंदिर का चंदा चुराने, मप्र के मुख्यमंत्री जमीन खरीदने और सांसद आदिवासियों की जमीन खरीद फरोख्त के लिए बनें है या फिर जनसेवा के लिए? भाजपा की कोई जिम्मेदारी है या सिर्फ लूट मचाने के लिए सत्ता में बैठे हैं?