अमरवाड़ा नपा अध्यक्ष व तत्कालीन सीएमओ 9 जुलाई को जबलपुर तलब
छिंदवाड़ा
06-Jul-26
अमृत 2.0 सहित विभिन्न विकास कार्यों में अनियमितता की शिकायत पर कार्रवाई
भाजपा नेता की शिकायत पर आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ ने मांगा पक्ष
छिंदवाड़ा
अमरवाड़ा नगर पालिका में कथित वित्तीय अनियमितताओं और विकास कार्यों में भ्रष्टाचार की शिकायतों के मामले में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू), जबलपुर ने नगर पालिका अध्यक्ष प्रीति तिवारी तथा तत्कालीन मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) आर.एस. बाथम को नोटिस जारी किया है। दोनों को 9 जुलाई को आवश्यक दस्तावेजों सहित ईओडब्ल्यू के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के समक्ष उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए गए हैं।
जानकारी के अनुसार, ईओडब्ल्यू को अमरवाड़ा नगर पालिका में अमृत 2.0 योजना, पेयजल टंकी निर्माण, पाइपलाइन बिछाने, फिल्टर प्लांट तथा बीटी रोड निर्माण सहित विभिन्न शासकीय कार्यों में कथित अनियमितताओं और वित्तीय गड़बड़ियों की शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत के साथ उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों के आधार पर ईओडब्ल्यू ने प्रारंभिक स्तर पर संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है।
भाजपा नेता ने दर्ज कराई थी शिकायत
बताया जा रहा है कि यह शिकायत अमरवाड़ा के भाजपा नेता मुकेश सूर्यवंशी द्वारा ईओडब्ल्यू में की गई थी। उनकी पत्नी वर्तमान में नगर पालिका के वार्ड क्रमांक 6 से पार्षद हैं। स्थानीय राजनीतिक हलकों में यह मामला पहले से चर्चा में रहा है।
वर्तमान में हरदा में पदस्थ हैं आर.एस. बाथम
तत्कालीन सीएमओ आर.एस. बाथम वर्ष 2023 से 2025 तक अमरवाड़ा नगर पालिका में पदस्थ रहे। इसके बाद उनका स्थानांतरण छिंदवाड़ा नगर निगम में उपायुक्त के रूप में हुआ था। हाल ही में जारी स्थानांतरण आदेश के तहत उन्हें हरदा नगर पालिका का सीएमओ बनाया गया है और वे छिंदवाड़ा से कार्यमुक्त हो चुके हैं।
अधिकारियों का पक्ष
ईओडब्ल्यू जबलपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक स्वर्णजीत सिंह धामी ने बताया कि अमरवाड़ा नगर पालिका अध्यक्ष और तत्कालीन सीएमओ के विरुद्ध शिकायत प्राप्त हुई थी। उसी के आधार पर दोनों को 9 जुलाई को उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस जारी किया गया है।
वहीं, नगर पालिका अध्यक्ष प्रीति तिवारी ने कहा कि उन्हें अभी तक ईओडब्ल्यू का कोई नोटिस प्राप्त नहीं हुआ है। यदि नोटिस मिलता है तो वे सभी तथ्यों के साथ अपना जवाब प्रस्तुत करेंगी। उन्होंने किसी भी प्रकार की अनियमितता से इनकार किया है।
गौरतलब है कि फिलहाल यह मामला जांच के प्रारंभिक चरण में है। ईओडब्ल्यू द्वारा नोटिस जारी कर संबंधित पक्षों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों की पुष्टि अथवा खंडन हो सकेगा।