प्रत्येक विधानसभा में खुलेगी कृषि यंत्र किराये की दुकान
कृषि जगत
22-Jul-26
छोटे किसान आसानी से कर सकेंगे आधुनिक कृषि यंत्रों का उपयोग
वर्तमान में संचालित है 5260 केन्द्र
हर साल स्थापित होंगी 1060 कृषि यंत्र किराये की दुकानें

भोपाल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर किसानों की सहूलियत के लिये प्रत्येक विधानसभा में कम से कम एक ष्कृषि यंत्र किराये की दुकानष् अनिवार्य रूप से खोलने की तैयारी चल रही है। कृषक कल्याण वर्ष में जल्दी ही इस पहल के परिणाम मिलेंगे। छोटे और सीमांत किसानों को अपने खेत तैयार करने आधुनिक कृषि यंत्रों का उपयोग करना आसान हो जायेगा। वर्तमान में ऐसे 5260 केन्द्र संचालित है। अब हर साल 1060 कृषि यंत्र किराये की दुकानें स्थापित की जायेगी।
मध्यप्रदेश अब तेजी से कृषि यंत्रों के निर्माण में आत्मनिर्भर हो रहा है। विदिशा जिले ने आदर्श उदाहरण प्रस्तुत कर उच्च गुणवत्ता के कृषि यंत्रों का निर्माण करना शुरू कर दिया है। ग्रेडर, लेवलर, हाइड्रालिक ट्रॉली, कल्टीवेटर, प्लाउ जैसे उपकरण जिले में ही बनाये जा रहे है। यहां लगभग 150 कृषि उपकरण निर्माण इकाइयाँ है। यहां बने कृषि यंत्रों की मांग अन्य राज्यों और विदेशों में भी हो रही है। मेडागास्कर, नाइजीरिया, सूडान, यूगांडा, घाना, अलजीरिया, ग्वाटेमाल, भूटान, नेपाल, बांग्लादेश में यहां से निर्मित उपकरण भेजे जा रहे है।
छोटे किसानों को न्यूनतम सेवा शुल्क पर अत्याधुनिक कृषि यंत्रों की सेवाएं मिल रही है। युवा उद्यमियों को भी इस क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिये प्रोत्साहित किया जा रहा है।