प्रशासन के दावों की खुली पोल, हर्रई और सिंगोड़ी में किसानों का फिर चक्काजाम
छिंदवाड़ा
30-Jul-25
छिंदवाड़ा
यूरिया की पर्याप्त मात्रा की उपलब्धता को लेकर जिला प्रशासन कितने भी दावे करे लेकिन सिंगोड़ी के किसानों का आक्रोश उसकी सच्चाई उजागर कर रहा है। बुधवार को एक बार फिर हर्रई और सिंगोड़ी में यूरिया न मिलने से गुस्साए किसानो ंने सड़क पर जाम लगा दिया। पूरे जिले में यूरिया न मिलने को लेकर सबसे ज्यादा आंदोलन केवल अमरवाड़ा विधानसभा में ही हुए है। इसके पीछे प्रशासनिक वितरण व्यवस्था दोषी है या राजनीति ? यह जिला प्रशासन को और सत्ताधारी दल के लिए चुनौती है।
यूरिया की पर्याप्त मात्रा की उपलब्धता को लेकर जिला प्रशासन कितने भी दावे करे लेकिन सिंगोड़ी के किसानों का आक्रोश उसकी सच्चाई उजागर कर रहा है। बुधवार को एक बार फिर हर्रई और सिंगोड़ी में यूरिया न मिलने से गुस्साए किसानो ंने सड़क पर जाम लगा दिया। पूरे जिले में यूरिया न मिलने को लेकर सबसे ज्यादा आंदोलन केवल अमरवाड़ा विधानसभा में ही हुए है। इसके पीछे प्रशासनिक वितरण व्यवस्था दोषी है या राजनीति ? यह जिला प्रशासन को और सत्ताधारी दल के लिए चुनौती है।

बुधवार सुबह एक बार फिर यूरिया न मिलने से हताश किसानों का धैर्य जवाब दे गया। घटना सिंगोड़ी की बताई जा रही है। मिली जानकारी के अनुसार सिंगोड़ी में बुधवार सुह किसानों का गुस्सा उस समय फूट पड़ा जब प्रतिदिन की तरह सुबह 4 बजे से यूरिया के लिए लाइन में लगने के बाद भी किसानों को यूरिया नहीं मिली। यूरिया न मिलने से गुस्साए किसानों ने अमरवाड़ा-छिंदवाड़ा मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। किसानों के आंदोलन की खबर जैसे ही सिंगोड़ी चौकी को मिली तुरंत ही पुलिस बल आंदोलन स्थल पर पहुंच गया। इस बीच दोनों ओर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गई। बड़ी मुश्किल से पुलिस की समझाईश के बाद किसानों सड़कों से हटे और आवागमन सुचारू हो पाया।
इधर हर्रई में भी सड़कों पर बैठे किसान
हर्रई में भी यूरिया न मिलने से परेशान किसानों ने सड़क जाम कर दिया। अमरवाड़ा-नरसिंहपुर मार्ग बंद होने की खबर सुनते ही पुलिस बल धरना स्थल पर पहुंचा और किसानों को आश्वस्त किया कि सभी किसानों को यूरिया मिलेगा। आंदोलन कर रही महिलाओं ने बताया कि यूरिया के लिए आधी रात से लाईन में लगना पड़ रहा है फिर भी यूरिया नहीं मिल रही है जिससे खेती प्रभावित हो रही है। पुलिस अधिकारियों ने उपस्थित किसानों से कहा कि जिले में पर्याप्त मात्रा में यूरिया उपलब्ध है और सभी किसानों तक यूरिया पहुंचाने में थोड़ा समय लगता है धैर्य रखे, सभी किसानों को यूरिया उपलब्ध कराई जाएगी। इसके बाद किसानों ने आंदोलन समाप्त किया।
केवल अमरवाड़ा विधानसभा में आंदोलन क्यों?
यूरिया खाद को लेकर पूरे जिले में केवल अमरवाड़ा विधानसभा में आंदोलन होना प्रश्नचिन्ह खड़ा कर रहा है। क्या वास्तव में इस क्षेत्र में प्रशासनिक वितरण व्यवस्था में दोष है या फिर किसानों को भड़का कर आंदोलन कराया जा रहा है। वितरण व्यवस्था में लगे कर्मचारी पूरी ईमानदारी के साथ काम कर रहे है या फिर यहां भी कालाबाजारी और भ्रष्टाचार चल रहा है जिसके कारण यूरिया खाद की कमी का सामना किसानों को करना पड़ रहा है। किसानों का आंदोलन जिला प्रशासन के साथ-साथ सत्ताधारी दल के लिए चुनौती खड़ी कर रहा है क्योंकि दोनों की सांख पर आंच आ रही है।