Home News Business Offers Classified Jobs About Contact

पुलपुल डोह निवासी फॉरेस्ट वॉचर झुन्नी बाई नई दिल्ली में सम्मानित

पुलपुल डोह निवासी फॉरेस्ट वॉचर झुन्नी बाई नई दिल्ली में सम्मानित
छिंदवाड़ा
30-Jul-25
बीस वर्षो। से वन और बाघ संरक्षण में निभा रही अहम भूमिका

छिंदवाड़ा

बाघ दिवस पर वन पर्यावरण मंत्री भूपेन्द्र यादव ने किया सम्मान

छिंदवाड़ा वन विभाग के लिए 30 जुलाई 2025 का दिन इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया जब विश्व बाघ दिवस पर पेंच के जंगलों में तैनात छिंदवाड़ा की आदिवासी फॉरेस्ट वॉचर (चौकीदार) श्रीमती झुन्नी बाई को नई दिल्ली में केंद्रीय वन मंत्री ने सम्मानित किया। पेंच टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र में पिछले 20 वर्षों से वे अपनी सेवाएं देने वाली एक मात्र महिला है। उन्हें जन सहभागिता, ईको-विकास गतिविधियों, वन्य जीव सुरक्षा, निगरानी एवं संरक्षण के क्षेत्र में सराहनीय कार्य के लिए सम्मानित किया गया।


मिली जानकारी के केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री  भूपेन्द्र यादव ने अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस के अवसर पर दिल्ली में आयोजित समारोह में उत्कृष्ट कार्य करने वाले मध्यप्रदेश टाइगर रिजर्व के वनकर्मियों को सम्मानित किया। इनमें सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के फॉरेस्ट गार्ड राजेश पटेल, कान्हा टाइगर रिजर्व के स्थायी कर्मी सुखमान कुशरे, फॉरेस्ट गार्ड बसंत लाल मरावी एवं पेंच टाइगर रिजर्व की फारेस्ट वॉचर श्रीमती झुन्नी बाई शामिल हैं। पूरे प्रदेश से वे एकमात्र महिला है जिन्हें यह पुरस्कार मिला है। 

कौन है श्रीमती झुन्नीबाई

आदिवासी महिला झुन्नीबाई जिले के पुलपुलडोह की निवासी है तथा पेंच टाइगर रिजर्व में वे वन चौकीदार के पद पर विगत 20 वर्षों से अपनी सेवाएं दे रही है। पुरूष वनकर्मियों के साथ कांधे से कांधा मिलाकर घने जंगलों में वन्यप्राणियों के संरक्षण में अत्यंत साहसिक ढंग से अपना योगदान दे रही है। सामान्यतः ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं जहां घर के कामों में व्यस्त रहती है वहां झुन्नीबाई साहस की मिसाल बनकर उभरी हैं। ड्यूटी के दौरान कई बार उनका सामना खतरनाक जंगली जानवरों से भी हुआ लेकिन वे अपने कर्तव्य से कभी हारी नहीं।

गणतंत्र दिवस पर नई दिल्ली में बनी थी विशेष मेहमान

वर्ष 2025 में नई दिल्ली में आयोजित गणतंत्र दिवस पर श्रीमती झुन्नीबाई को विशेष मेहमान के रूप में आमंत्रित किया गया है। केंद्र शासन के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के विशेष अतिथि के रूप में पेंच टाइगर रिजर्व मध्यप्रदेश से 48 वर्षीय श्रीमती झुन्नीबाई को आमंत्रित किया गया था। तब भी वे सुर्खियों मे ंआई थी। एक साल में दो बार सम्मानित होने वाली वे जिले की एकमात्र आदिवासी महिला है।
Share News On