जिला पंचायत सभागार में एक दिवसीय बैठक सह प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन
छिंदवाड़ा
31-Mar-26
छिंदवाड़ा
आज नवांकुर संस्थाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक अहम पहल देखने को मिली, जहां जिला पंचायत सभागार में एक दिवसीय बैठक सह प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया।
छिंदवाड़ा जिले की सभी नवांकुर संस्थाओं की एक दिवसीय बैठक सह प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन जिला पंचायत सभागार में किया गया। इस कार्यशाला में विभिन्न विकासखंडों से आए समन्वयकों और संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से म.प्र. बायोडायवर्सिटी बोर्ड के टैक्सोनामिस्ट डॉ. काशीराम करमकर, जिला समन्वयक अखिलेश जैन, पोआमा नर्सरी के डिप्टी रेंजर राजेश मर्सकोले सहित अन्य विशेषज्ञ मौजूद रहे।
जिला समन्वयक अखिलेश जैन ने बैठक के दौरान जल गंगा संवर्धन अभियान, ग्रामोदय से अभ्युदय अभियान, नर्सरी संचालन, संस्कार केंद्र और जन सूचना केंद्र
जैसी योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की।
उन्होंने सभी संस्थाओं से टीम भावना के साथ काम करने और ठोस कार्ययोजना तैयार करने का आह्वान किया। वहीं, डॉ. काशीराम करमकर ने प्रतिभागियों को नर्सरी निर्माण का प्रशिक्षण दिया और कई औषधीय पौधों—जैसे हर्रा, बहेड़ा, सतावर, सफेद मूसली, महुआ आदि—की जानकारी दी।
कार्यशाला के अंत में प्रतिभागियों को पोआमा नर्सरी का भ्रमण कराया गया, जहां बीज उपचार, पौधारोपण तकनीक, मिट्टी परीक्षण और नर्सरी प्रबंधन की व्यावहारिक जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों के सवालों के जवाब भी दिए। कार्यक्रम के समापन पर सभी नवांकुर संस्थाओं ने अपने-अपने प्रतिवेदन प्रस्तुत किए। इस तरह की कार्यशालाएं ग्रामीण विकास और पर्यावरण संरक्षण के लिए अहम भूमिका निभा रही हैं।