सरकारी स्कूलों के 41 विद्यार्थियों ने नीट-2026 में बनाई जगह
शिक्षा
20-Jul-26
रंग लाई पूर्व कलेक्टर शीलेन्द्र सिंह की पहल
अंतिम परिणाम आने पर संख्या और बढ़ने की उम्मीद

छिंदवाड़ा
कभी प्रतियोगी परीक्षाओं में सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों की सफलता अपवाद मानी जाती थी, लेकिन अब यही स्कूल नई मिसाल बन रहे हैं। जिले के पूर्व कलेक्टर शीलेन्द्र सिंह की पहल और लगातार मार्गदर्शन के परिणाम अब दिखाई दे रही है। जिले के शासकीय विद्यालयों के अब तक 41 विद्यार्थियों ने नीट-यूजी 2026 परीक्षा में सफलता हासिल कर मेडिकल शिक्षा की ओर मजबूत कदम बढ़ाया है। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) द्वारा घोषित परिणामों के अनुसार अब तक 110 विद्यार्थियों के परिणाम प्राप्त हुए हैं, जिनमें 41 सफल रहे हैं। जिला प्रशासन को उम्मीद है कि अंतिम परिणाम आने के बाद यह संख्या और बढ़ेगी।
दो साल पहले शुरू हुई पहल बनी सफलता की मजबूत नींव
पूर्व जिला कलेक्टर शीलेन्द्र सिंह ने सरकारी स्कूलों में जेईई और नीट की तैयारी के लिए विशेष मॉडल लागू किया था। शिक्षा विभाग ने इस पहल का स्वागत करते हुए नियमित पढ़ाई के साथ प्रतिदिन अंतिम दो पीरियड प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निर्धारित किए गए, जहां विषय विशेषज्ञ शिक्षक विद्यार्थियों को मार्गदर्शन देते हैं।
इसके साथ ही मासिक ऑनलाइन टेस्ट, दैनिक अभ्यास परीक्षा, परिणामों का विश्लेषण, व्हाट्सएप के माध्यम से अध्ययन सामग्री और एलेन इंदौर की निःशुल्क स्टडी मटेरियल जैसी सुविधाओं ने विद्यार्थियों की तैयारी को नई दिशा दी। इसी का परिणाम है कि सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी लगातार राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं।
कलेक्टर ने किया सम्मानित, कहा- मेहनत का मिला परिणाम
कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित कार्यक्रम में कलेक्टर हरेंद्र नारायण ने सफल विद्यार्थियों का पुष्पगुच्छ और चॉकलेट देकर सम्मान किया। जिला पंचायत सीईओ अग्रिम कुमार ने भी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर विद्यार्थियों के अभिभावकों और शिक्षकों का भी सम्मान किया गया, जिन्होंने उनकी सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
जिला शिक्षा अधिकारी जे.के. इड़पाचे सहित शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह उपलब्धि सरकारी शिक्षा व्यवस्था में बढ़ते विश्वास का प्रमाण है।
सरकारी स्कूलों के इन विद्यार्थियों ने किया शानदार प्रदर्शन
इस वर्ष कई विद्यार्थियों ने उल्लेखनीय अंक हासिल किए। इनमें भाग्यश्री डाले (शासकीय हाई स्कूल बिजौरी) ने 529 अंक, तनिष्क साबले (उत्कृष्ट विद्यालय छिंदवाड़ा) ने 464 अंक और स्वर्ण मायती (उत्कृष्ट विद्यालय छिंदवाड़ा) ने 436 अंक प्राप्त किए। इसके अलावा अनेक विद्यार्थियों ने 400 से अधिक अंक अर्जित कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
जिले के हर कोने से मिली सफलता
नीट में सफल होने वाले 41 विद्यार्थियों में सबसे अधिक 17 छात्र छिंदवाड़ा ब्लॉक से हैं। इसके अलावा बिछुआ और परासिया से 5-5, हर्रई से 4, मोहखेड़ से 3, चौरई, तामिया और पांढुर्णा से 2-2 तथा सौंसर से 1 विद्यार्थी ने सफलता प्राप्त की। इससे स्पष्ट है कि यह उपलब्धि किसी एक स्कूल या शहर तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे जिले के सरकारी विद्यालयों के सामूहिक प्रयास का परिणाम है।
लगातार बेहतर हो रहे परिणाम
जिले का यह मॉडल हर वर्ष बेहतर परिणाम दे रहा है। वर्ष 2024-25 में जेईई में 43 और नीट में 82 विद्यार्थियों ने सफलता हासिल की थी। वहीं 2025-26 में जेईई मेन्स में 50 विद्यार्थी सफल हुए, जिनमें 20 ने जेईई एडवांस के लिए पात्रता प्राप्त की। इसी क्रम में अब नीट-2026 में सरकारी स्कूलों के 41 विद्यार्थियों ने सफलता हासिल कर जिले की उपलब्धियों में नया अध्याय जोड़ दिया है।
सरकारी शिक्षा का बढ़ा भरोसा
छिंदवाड़ा का यह मॉडल अब प्रदेश के अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणा बन रहा है। शिक्षा विभाग का कहना है कि आगामी सत्र में जेईई और नीट की विशेष कक्षाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। नियमित मॉनिटरिंग, ऑनलाइन मूल्यांकन और विषय विशेषज्ञों के मार्गदर्शन से अधिक से अधिक विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता दिलाने का लक्ष्य रखा गया है।
समाज को मिला नया संदेश
सरकारी स्कूलों के इन 41 विद्यार्थियों की सफलता यह संदेश देती है कि प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं होती। यदि प्रशासन की दूरदर्शी पहल, शिक्षकों का समर्पण, अभिभावकों का सहयोग और विद्यार्थियों की मेहनत एक साथ जुड़ जाए, तो सरकारी विद्यालय भी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में शानदार सफलता हासिल कर सकते हैं।