मणि घर्षण से व व्यक्ति प्रशिक्षण से चमकता है: प्रो. अमर सिंह
छिंदवाड़ा
28-Aug-25
चांद कालेज में आपदा प्रबंधन पर कार्यशाला आयोजित
छिंदवाड़ा
शासकीय महाविद्यालय चांद में आपदा प्रबंधन प्राधिकरण छिंदवाड़ा के अध्यक्ष कलेक्टर शीलेंद्र सिंह के निर्देशन में होमगार्ड कमांडेंट एवं सिविल डिफेंस के नोडल अधिकारी एस. आर. आजमी के मार्गदर्शन में आपदा प्रबंधन पर कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में प्लाटून कमांडर गणेश कुमार धुर्वे ने कहा कि अतिवृष्टि, भूस्खलन व सुनामी प्राकृतिक विपदाओं को रोका नहीं जा सकता है किंतु उनके द्वारा होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है। प्रतिकूलता के प्रति प्रतिक्रिया से ही भावी जीवन की कहानी गढ़ी जाती है। विपदाएं मनुष्य के साहस की परीक्षा लेती हैं। मानवता और प्राकृतिक विपदाएं कभी मित्र नहीं हो सकती हैं। धैर्य आपदाओं से निपटने का पहला सूत्र है। जागरूकता से आपदाओं के असर को कम किया जा सकता है।

सिविल डिफेंस के सब डिवीजन वार्डन श्यामलराव ने कहा कि सूखा, जंगल की आग और बिजली के गिरने जैसी आपदाओं से नुकसान को प्रबंधन से बहुत हद तक कम कर सकते हैं। हम प्रकृति के विनाशकारी मार्ग को नहीं बदल सकते हैं। किन्तु सावधानी, सजगता और शांत मन से आपदाओं से होने वाली हानि को कम कर सकते हैं। आपदाएं विभीषिका में छिपी चुनौतियों से आत्मा को एक नवीन आकार देती हैं।
सिविल डिफेंस मास्टर ट्रेनर अर्पित सिंह रघुवंशी ने सांप के काटने की आपदा प्रबंधन पर प्रेरक व्याख्यान देते हुए कहा कि बुरे वक्त से बाहर निकलकर व्यक्ति साहसी हो जाता है। विपत्ति महानता की तैयारी की नींव होती है। प्राचार्य प्रो. अमर सिंह ने कहा कि मणि घर्षण बिना और मनुष्य प्रशिक्षण बिना चमकते नहीं हैं। ताकत शारीरिक क्षमता से नहीं, अदम्य इच्छा शक्ति से आती है। विपत्ति मनुष्य बनाती है और समृद्धि राक्षस बनाती है। एसडीईआरएफ जवान अजय धुर्वे ने कहा कि तार्किक सावधानी ही सुरक्षा है। एसडीईआरएफ अंकित मालवी ने कहा कि आपदा में घबड़ाहट सारे काम बिगाड़ देती है।