125 आपदा मित्र आपदा के समय निभाएंगे अहम भूमिका
छिंदवाड़ा
12-Aug-26
एसडीईआरएफ टीम को सहयोग देने के लिए प्रशिक्षित किया गया आपदा मित्रों को

छिंदवाड़ा
आपदा के समय लोगों की जान बचाने और राहत कार्यों में सहयोग के लिए जिले के आपदा मित्रों का सात दिवसीय प्रशिक्षण स्थानीय ओलंपिक ग्राउंड खेल परिसर में सम्पन्न हुआ। प्रशिक्षण में 125 आपदा मित्रों को विभिन्न आपदाओं से निपटने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। समापन अवसर पर आपदा मित्रों को किट और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
सर्पदंश से लेकर बाढ़ और आग तक सिखाए बचाव के तरीके
प्रशिक्षण के दौरान आपदा मित्रों को सर्पदंश, बाढ़, आग, भूकंप और अन्य आपदाओं के समय बचाव के तरीकों की जानकारी दी गई। इसके अलावा रबर बोट तैयार करने, टेंट लगाने, आपदा के दौरान उपयोग किए जाने वाले उपकरणों के संचालन, प्राथमिक उपचार और सीपीआर का अभ्यास कराया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य आपदा के दौरान तत्काल प्राथमिक सहायता उपलब्ध कराकर जान-माल के नुकसान को कम करना रहा।
एडीएम धीरेंद्र सिंह ने कहा कि आपदा कब आएगी और कब चली जाएगी, इसका किसी को पता नहीं होता। ऐसे समय में आपदा मित्र किसी पीड़ित की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान सीखी गई जानकारी जीवनभर स्वयं के साथ दूसरों की मदद के लिए उपयोगी रहेगी। जिले में सर्पदंश की घटनाएं अधिक होने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि समय पर प्राथमिक उपचार और पीड़ित को अस्पताल पहुंचाने से जान बचाई जा सकती है। दुर्घटना के मामलों में राहवीर योजना के तहत भी पीड़ित की मदद कर जीवन बचाया जा सकता है।
दूसरे बैच के लिए 14 से 30 अगस्त तक पंजीयन
जिला होमगार्ड कमांडेंट स्नेहलता पाठ्या ने बताया कि प्राकृतिक और मानवजनित आपदाओं से निपटने में एसडीईआरएफ टीम को सहयोग देने के लिए आपदा मित्रों को प्रशिक्षित किया गया है। आवश्यकता पड़ने पर ये प्रशिक्षित स्वयंसेवक मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य में सहयोग करेंगे।
सिविल डिफेंस के सब डिविजन वार्डन श्यामल राव ने बताया कि प्रथम बैच में 125 आपदा मित्र प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं। अब दूसरे बैच का सात दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा। इसके लिए 10वीं या उससे अधिक शिक्षा प्राप्त, तैराकी जानने वाले 18 से 40 वर्ष आयु के इच्छुक स्वयंसेवक 14 से 30 अगस्त की शाम तक स्थानीय होमगार्ड कार्यालय में पंजीयन करा सकते हैं।
प्रशिक्षण के समापन अवसर पर एडीएम धीरेंद्र सिंह, जिला होमगार्ड कमांडेंट स्नेहलता पाठ्या, सब डिविजन वार्डन श्यामल राव, कंपनी कमांडर गणेश धुर्वे एवं खेल अधिकारी केके चौरसिया सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। प्रशिक्षण को सफल बनाने में होमगार्ड के मेजर सिगोतिया, एसडीईआरएफ के सैनिक सुमित शर्मा, दीपेंद्र वरकड़े, सचिन विश्वकर्मा, अंकित पांडे, राजा मरस्कोले, प्रवीण धुर्वे एवं स्पर्श यादव का सहयोग रहा।