गर्ल्स कॉलेज में दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का समापन
छिंदवाड़ा
25-Feb-26
योग है जीवन का संतुलन और विस्तार
छिंदवाड़ा
राजमाता सिंधिया ने शासकीय स्नातकोत्तर कन्या महाविद्यालय, छिंदवाड़ा में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला सह संगोष्ठी का आज समापन हुआ। महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ अस्मिता मुंजे एवं डॉ अनीता कौशल के मार्गदर्शन में आयोजित समापन समारोह जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष और एडीएम धीरेंद्र सिंह के मुख्य आतिथ्य में सम्पन्न हुआ। उन्होंने इस मौके पर कहा कि योग जीवन का विस्तार और ध्यान मन का विस्तार है। उन्होंने योग डिप्लोमा कोर्स की छात्राओं द्वारा प्रस्तुत योग की प्रदर्शनात्मक एवं सांगीतिक प्रस्तुति की भूरी-भूरी प्रशंसा की। समन्वयक डॉ. अजय सिंह ठाकुर ने दो दिनों की गतिविधियों का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। समारोह का संचालन संयोजक डॉ. विजय कलमधार और आभार प्रदर्शन डॉ. ऊषा भारती ने कुशलतापूर्वक निभाया। इस अवसर पर प्रतिभागी ऋषिकेश पटेल, लालबर्रा, अनिल झरबडे, बालाघाट, छात्रा अनुपमा बैंस तथा नंदिनी द्वारा कार्यशाला के आयोजन संबंधी फीडबैक प्रस्तुत किया।

द्वितीय दिवस के तकनीकी सत्र का प्रारंभ डॉ. कामता प्रसाद साहू, हरिद्वार द्वारा चित्त ,मन ओर शरीर में संतुलन हेतु उपयोगी विधियों के अभ्यास से करवाया गया। आर्ट ऑफ लिविंग के डॉ. विकास साहू द्वारा पंचकोश ध्यान विधि से मन,बुद्धि और विचारों का संतुलन कर स्वयं को विपरीत परिस्थितियों से बाहर निकलने की कला को सिखाया। राज्य आनंद संस्थान के अनिल कांबले ने आनंद और खुशी के प्रसार में योग की महत्ता गतिविधियों के द्वारा बताई। डॉ.शशिकांत यादव, प्राचार्य हर्रई कॉलेज ने शिव योग ध्यान विधि का परिचय दिया। रेडक्रॉस सोसायटी के चेयरमैन भानुदास गोखे द्वारा देश के प्रत्येक व्यक्ति को योग से जोड़ने और राष्ट्र सेवा के लिए आव्हान किया। तृतीय सत्र में योग और ध्यान के विविध आयामों पर प्रतिभागियों द्वारा शोध पत्रों का वाचन किया गया। इस सत्र का संचालन सचिव डॉ वैशाली गुप्ता द्वारा किया गया। इस अवसर पर छात्रा आंचल, दीपिका, शिवानी, आंशिका, अंजिता, मोनिका, भारती, नेहा, रानी आदि का अतिथियों द्वारा सम्मान किया गया। महाविद्यालय की विभिन्न समितियों और आयोजन समिति के सदस्यों का सक्रिय सहयोग इस आयोजन को सफल बनाने में रहा।