Home News Business Offers Classified Jobs About Contact

खग्रास चंद्र ग्रहण 7 सितंबर रविवार को, किस राशि पर क्या होगा असर!

खग्रास चंद्र ग्रहण 7 सितंबर रविवार को, किस राशि पर क्या होगा असर!
ज्योतिष
05-Sep-25
भारत में दिन के 12.57 से रात्रि 2.25 बजे तक रहेगा सूतक

छिंदवाड़ा

7 सितंबर, रविवार को लग रहे वर्ष 2025 के आखिरी चंद्रग्रहण को लेकर गांव से लेकर शहर तक हर जगह लोगों में खासी उत्‍सुकता बनी हुई है। यह चंद्र ग्रहण 2025 प्राय: भारत के सभी इलाकों में देखा जा सकेगा। चंद्र ग्रहण का सूतक काल भी प्रभावी रहेगा। संवत्  2082 भाद्रपद शुक्ल पक्ष पूर्णिमा, रविवार (7 सितंबर) को संपूर्ण भारत देश में चंद्र ग्रहण होगा! भारतीय समय में विरल छाया प्रवेश रात्रि 08ः58, स्पर्श रात्रि 09ः57, सम्मिलन रात्रि 11ः 01, मध्य रात्रि 11ः 42, उन्मीलन रात्रि शेष 12ः23, मोक्ष रात्रि शेष 01ः27 एवं विरल छाया निर्गम रात्रि शेष 02ः25 बजे होगा। ग्रहण काल में पूजा स्थलों, देवी मंदिरों, शिव मंदिरों, हनुमान मंदिर के पट बंद रहेंगे और आठ सितंबर को प्रातःकाल मंदिरों के पट खोले जाएंगे।

चंद्र ग्रहण 2025 से नौ घंटे पूर्व सूतक काल आरंभ हो जाता है। सूतक भारतीय समय से दिन में 12ः57 बजे से प्रारम्भ होगा। 

 यह ग्रहण संपूर्ण भारत में दृश्य होगा! भारत सहित अन्य जैसे महाद्वीप एशिया, ऑस्ट्रेलिया, अफ्रीका, यूरोप, अंटार्कटिक, पैसेफिक और इंडियन ओसियन में भी दिखेगा।
भारतीय ज्योतिषाचार्यों के अनुसार जहां ग्रहण दृश्य होगा, उन्हीं स्थानों पर ग्रहण से संबंधित वेद, सूतक, स्नान, दान, पुण्य, कर्म, यम नियम मान्य होंगे।

इस वर्ष पितृपक्ष की शुरुआत और समापन पर खगोलीय दृष्टि से आसमान में अद्भुत संयोग बन रहा है। भाद्रपद पूर्णिमा यानी सात सितंबर रविवार को पूर्ण चंद्रग्रहण 2025 लगेगा, जबकि पितृपक्ष का समापन अमावस्या, यानी महालया के दिन 21 सितंबर को आंशिक सूर्य ग्रहण 2025 के साथ होगा। ज्योतिषीय दृष्टि से इसे दुर्लभ योग माना जा रहा है।

किन राशियों पर कैसा रहेगा ग्रहण का प्रभाव

मेष राशि: सुखद लाभ सुयोगद

वृषभ राशि: सुख संपदा सूचक 

मिथुन राशि: जीवनीय मानद रूप में न्यूनता 

कर्क राशि: प्रपीड़ा विकार कष्टद प्रभारक 

सिंह राशि: मानसिक चिंतन मनोविकार खेद 

कन्या राशि: विकासप्रद सुयोदग प्रतिफल 
 
तुला राशि: मनोविक प्रभास चिंतन 

वृश्चिक राशि: अपवाद चिंता खेद प्रभास 

धनु राशि: सुखद लाभद योगकारक फलसुचक 

मकर राशि: अपव्यय अपवाद चिंतन 

कुंभ राशि: शरीर विकार कष्टद प्रभार सूचक 

मीन राशि: आर्थिक चिंतन अपव्यय खेद प्रभास।
Share News On