विद्यार्थियों को बताया, देश में 250 से 300 प्रजातियों के सांप पाए जाते हैं
शिक्षा
29-Jul-26
सर्पदंश होने पर झाड़-फूंक में समय न गंवाएं, तुरंत लगवाएं एंटीवेनम

छिंदवाड़ा
देश में लगभग 250 से 300 प्रजातियों के सांप पाए जाते हैं। इनमें कोबरा, करैत, रसेल वाइपर और सॉ-स्केल्ड वाइपर अत्यंत विषैले सांपों की श्रेणी में आते हैं, जबकि अधिकांश सांप विषहीन होते हैं। बरसात के मौसम में सर्पदंश की घटनाएं बढ़ जाती हैं। ऐसे में समय पर चिकित्सकीय उपचार ही किसी व्यक्ति की जान बचा सकता है। सांप के काटने पर झाड़-फूंक के बजाय तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर एंटीवेनम इंजेक्शन लगवाना चाहिए। यह बात पिंडरईकला स्कूल के विद्यार्थियों को विशेषज्ञों की टीम ने बताई।
मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद की नवांकुर संस्था अपूर्वा फाउंडेशन द्वारा सेक्टर क्रमांक-3 के ग्राम पिंडरई कला स्थित शासकीय हायर सेकेंड्री स्कूल में सर्पदंश जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम जिला समन्वयक अखिलेश जैन एवं प्राचार्य रीता चटर्जी के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ। इस दौरान अपूर्वा फाउंडेशन के अध्यक्ष संजय साहू, परामर्शदाता एवं सिविल डिफेंस के सब डिवीजन वार्डन श्यामल राव तथा प्रस्फुटन समिति के सचिव मस्तराम रघुवंशी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्यामल राव ने बताया कि उन्होंने कहा कि सर्पदंश एक गंभीर चिकित्सकीय आपात स्थिति है, जिसका समय पर उपचार नहीं होने पर मृत्यु अथवा स्थायी विकलांगता हो सकती है। उन्होंने प्राथमिक उपचार की जानकारी देते हुए बताया कि काटे गए स्थान को साबुन से साफ करें, प्रभावित अंग को स्थिर रखते हुए हल्का बैंडेज बांधें और बिना किसी देरी के मरीज को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाएं, जहां एंटीवेनम उपलब्ध रहता है। समय पर उपचार मिलने से मरीज की जान बचाई जा सकती है। ग्रामीण क्षेत्रों में झाड़-फूंक के कारण उपचार में देरी होने से कई बार जान चली जाती है। कार्यक्रम में संजय साहू ने विद्यार्थियों के साथ सर्पदंश विषय पर प्रश्नोत्तरी आयोजित कर उन्हें जागरूक किया। आयोजन को सफल बनाने में प्राचार्य रीता चटर्जी, शिक्षिका जैनिफर खैस एवं सविता साहू का सराहनीय सहयोग रहा।