धर्म की राजनीति करने वालों का खुलकर सामने आया पाप- मांगो
छिंदवाड़ा
08-Sep-25
इतिहास की पहली घटना, परतला के महाराजा का मौन विसर्जन
छिन्दवाड़ा
धर्म की राजनीति करने वालों का पांखड़ खुलकर सामने आ चुका है। भगवान में भेदभाव करने वाले “इस पाप को अखिर कहां लेकर जाएंगे। केवल एक समिति को डीजे और गाजे-बाजे की अनुमति नहीं देना धार्मिक भावनाओं को ठेंस पहुंचाने के साथ ही श्रद्धालु भक्तजनों की आस्था और विश्वास पर राजनीतिक प्रहार है। परतला के महाराजा समिति के द्वारा निकाले गए मौन विसर्जन जुलूस पर पुलिस और प्रशासन को घेरते हुए निगम अध्यक्ष धर्मेन्द्र सोनू मांगो ने उक्त उदगार व्यक्त किए।

निगम अध्यक्ष धर्मेन्द्र सोनू मांगो ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में आगे कहा कि परतला के महाराजा के विजर्सन जुलूस पर पुलिस और प्रशासन की सख्ती भाजपा की राजनीति से प्रेरित है। छोटी-छोटी समितियों के साथ ही व्यक्तिगत भी लोग धूमधाम व गाजे बाजे के साथ प्रतिमा विजर्सन कर रहे हैं। ऐसा होना भी चाहिए क्योंकि गणेशोत्सव हमारी आस्था और विश्वास का प्रतीक है। भाजपा की दूषित राजनीति ने पर्व की खुशियों में भी राजनीति का जहर घोलने का भरपूर पाप किया है। धर्म के नाम पर वोट मांगने वाली भाजपा के इशारों पर विसर्जन जुलूस में सख्ती बरतने का पाप सार्वजनिक हो चुका है। श्री मांगो ने पूरे दावे के साथ कहा कि भाजपा इस पाप को छिपाने और दबाने के लिए अनेक तर्क व कुर्तक प्रस्तुत करेगी, क्योंकि भाजपा की इस घटिया करतूत का जवाब परतला के महाराजा समिति ने बड़े ही शांतिपूर्ण ढंग से दिया है। क्योंकि छिन्दवाड़ा के इतिहास में यह पहली दफा हुआ कि किसी प्रतिमा का विजर्सन मौन निकाला गया इस पर समाज का हर वर्ग चर्चा कर रहा है कि भाजपा की राजनीति उस स्तर पर आ चुकी है जिसका कोई स्तर नहीं बचा।
मौन विसर्जन जुलूस में शामिल हुए कांग्रेस के जनप्रतिनिधि
पुलिस और प्रशासन के द्वारा परतला के महाराजा समिति पर लगाई गई सख्ती सम्पूर्ण भक्तजनों की आस्था पर चोट है, इसलिए यह केवल किसी एक समिति पर प्रतिबंध नहीं बल्कि भगवान गणेश के समस्त भक्तों की आस्था पर प्रतिबंध है। मौन विसर्जन जुलूस निकाले जाने की सूचना मिलते ही जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष श्री विश्वनाथ ओकटे, धर्मेन्द्र सोनू मांगो, अजय मैद, राजीव तिवारी, पप्पू यादव, टिंक राय व आशीष त्रिपाठी सहित कांग्रेस के अन्य पदाधिकारी व कार्यकर्तागण उपस्थित रहे।