बीमार है अस्पताल और सिस्टम इसीलिये जा रही मासूम बच्चों की जान: नकुलनाथ
छिंदवाड़ा
24-Sep-25
परासिया में तीन मासूम बच्चों की मौत पर नकुलनाथ ने जताया गहन दुख,
छिन्दवाड़ा
जिले के शासकीय अस्पताल और सरकारी सिस्टम बीमार हो चुका है, इसीलिये आम आदमी की बीमारी हो या फिर समस्याएं दोनों का ही समय पर इलाज नहीं होना बेहद दुखद है। जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी रटे हुए बयानों तक सीमित है। दुख का पहाड़ उन तीन परिवारों पर टूटा है जिन्होंने अपनी जान से प्यारे बच्चों को असमय खो दिया। उक्त उदगार जिले के पूर्व सांसद माननीय नकुलनाथ जी ने परासिया में तीन मासूम बच्चों की मौत पर दुख व्यक्त करते हुए जारी प्रेस विज्ञप्ति में व्यक्त किए।

उन्होंने कहा कि सितम्बर माह के दूसरे सप्ताह में बुखार से पीडित आधा दर्जन बच्चों के इलाज पर ध्यान नहीं दिया गया। जिले के जिम्मेदारों ने तत्काल स्वास्थ्य व्यवस्थाएं नहीं बनाई। परिणामस्वरूप बच्चों का स्वास्थ्य बिगड़ता चला गया। एक मासूम बच्चे की मौत के बाद भी स्वास्थ्य अमला नहीं जागा ना ही स्थानीय शासकीय अस्पताल में इलाज के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए। शासकीय अस्पताल की लचर स्वास्थ्य व्यवस्था, समय पर इलाज नहीं मिलना व संसाधनों के अभाव के चलते जनता का सरकारी अस्पतालों से भरोसा उठ रहा है, क्योंकि सरकारी अस्पताल और सिस्टम बीमार है, इसीलिये बच्चों को समय पर सही इलाज नहीं मिला जिसके चलते दूसरे मासूम बच्चे की मौत हुई। विगत 22 वर्ष से प्रदेश में काबिज भाजपा की सरकार में स्वास्थ्य सुविधाएं स्ट्रेचर पर आ चुकी है। अस्पताल है३३..तो डॉक्टर नहीं३३.डॉक्टर है तो दवाइयां नहीं, इन विषम परिस्थितियों से जिले की जनता जूझ रही और भाजपा सत्ता के नशे में सो रही।
नकुलनाथ ने गहन दुख व्यक्त किया
पूर्व सांसद नकुलनाथ ने तीन मासूम बच्चों की मौत पर गहन दुख व्यक्त किया। शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करते हुए उन्होंने मामले की सूक्ष्मता से मेडिकल जांच की मांग प्रदेश सरकार से की है साथ ही इलाजरत बच्चों को उत्तम स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने व पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता अविलम्ब उपलब्ध कराने की मांग केन्द्र व राज्य की भाजपा सरकार से की है ताकि पीड़ित बच्चे अविलम्ब स्वस्थ होकर घर लौटें। उन्होंने बच्चों के उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।