सामाजिक संस्थान ने समाज की प्रतिभाओं का किया सम्मान
छिंदवाड़ा
27-Jul-25
पूर्व राज्यपाल अनुसूईया उईके व महापौर विक्रम अहाके रहे उपस्थित
छिंदवाड़ा
परासिया मार्ग स्थित वंदना लाॅन में किसान मेला, स्वास्थ शिविर व प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।आयोजन में छत्तीसगढ़ एवं मणिपुर की पूर्व राज्यपाल सुश्री अनुसुइया उईके मुख्य अतिथि एवं नगर निगम महापौर विक्रम अहाके कार्यक्रमअध्यक्ष के रूप में उपस्थित रहे। विशेष अतिथि के रूप में रोटरी क्लब ऑफ छिंदवाड़ा के अध्यक्ष रोटे. विनोद तिवारी, राष्ट्रीय हिन्दू सेना के जिला अध्यक्ष यमन साहू, कैंसर विशेषज्ञ डॉ. अमरजीत कौर तथा महिला, बाल विकास कल्याण के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रही शिवांगी दुबे समाज सेविका व पेस वेलफेयर की ऑल इंडिया प्रमुख भी उपस्थित रहीं। इस अवसर पर नगर निगम के सभापति जागेंद्र अल्डक ,पार्षद श्री कुशवाह, रोटेरियन श्रीमती अनीता बत्रा सहित अन्य शहर की प्रतिष्ठित सामाजिक संस्था ओ के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन व सरस्वती वंदना के साथ हुई। मुख्य अतिथि सुश्री अनुसूईया उइके ने अपने वक्तव्य में कहा, किसान सिर्फ अन्नदाता नहीं, बल्कि संस्कृति, अर्थव्यवस्था और आत्मनिर्भर भारत के आधार स्तंभ हैं। समारोह के अध्यक्ष विक्रम अहाके ने कहा की हम सभी के अन्न दाता किसान भाई है इनकी सभी समस्या हमारी है हम सभी मिल कर इनकी आपदा के समय मदद करे।उन्होंने कहा की किसानों की आय, स्वास्थ्य, जलसंचयन, और भूमि सुधार को केंद्र में रखा जाए।विशेष अतिथि डॉ. विनोद तिवारी ने ग्रामीण भारत की स्वास्थ्य चुनौतियों के बारे में विस्तार बताया।
कार्यक्रम की आयोजक दिव्या मिश्रा ने बताया की यहां कार्यक्रम बालाजी इंटरप्राइजेज के तत्वाधान में एवं सामाजिक संस्था एक कदम मदद की सेवा समिति के सहयोग से आयोजित किया गया था।कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों, समाजसेवियों और जमीनी कार्यकर्ताओं को न केवल सम्मानित करना था, बल्कि उनके संघर्ष, समर्पण और योगदान को जनमानस के सामने लाना भी था।
कार्यक्रम में इस आयोजन में उन किसानों और समाजसेवियों को सम्मानित किया गया, जो वर्षों से चुपचाप अपने क्षेत्रों में काम कर रहे हैं और जिनका योगदान किसी सरकारी मंच पर दर्ज नहीं होता। इनमें संतोषी गजभिए, डाक्टर मीरा पराडकर, वंदना और अलका शुक्ला, सरपंच दुरक्षा भैया का सम्मान किया गया। कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों, समाजसेवियों और किसानों को स्मृति चिह्न और प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। किसानों ने भी मंच पर अपने अनुभव साझा किए और प्रशासन को सुझाव दिए, जो ग्रामीण नीति निर्माण में अमूल्य योगदान देंगे।