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18 मार्च को कलश यात्रा के साथ 1008 कुंडीय सहस्त्र चंडी महायज्ञ का शुभारंभ

18 मार्च को कलश यात्रा के साथ 1008 कुंडीय सहस्त्र चंडी महायज्ञ का शुभारंभ
छिंदवाड़ा
16-Mar-26

सिहोरामाल में 19 मार्च से 26 मार्च तक आयोजित होगा 1008 कुंडली सहस्त्र चंडी महायज्ञ

छिंदवाड़ा

श्री रामेश्वरम धाम सेवा समिति और साहू परिवार के द्वारा चैत्र नवरात्र पर रामेश्वर धाम सिहोरामाल में 1008 कुंडली सहस्त्र चंडी महायज्ञ का आयोजन 19 मार्च से 26 मार्च तक होने जा रहा है। इस दिव्य और पुण्य आयोजन में प्रतिदिन सैकड़ों यजमान यज्ञकुण्डों में आहुतियां अर्पित करेंगे। इस महायज्ञ में शामिल होने वाले यजमानों का निःशुल्क पंजीयन और यजमानों के आईकॉर्ड का वितरण सांसद कार्यालय छिन्दवाड़ा में प्रारंभ कर दिया गया है।

सांसद बंटी विवेक साहू ने लोकसभा सत्र और असम व इंदौर के दौरे से लौटने के तुरंत बाद सोमवार को रामेश्वर धाम सिहोरामाल में पहुंचकर 1008 कुंडली सहस्त्र चंडी महायज्ञ की तैयारियों का जायजा लेते हुये श्री रामेश्वरम धाम सेवा समिति के पदाधिकारियों से व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी ली। श्री रामेश्वरम धाम सेवा समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि 1008 कुंडली सहस्त्र चंडी महायज्ञ में शामिल होने वाले यजमानों को महायज्ञ के संबंध में जानकारी देने के लिए 18 मार्च को दोपहर 3 बजे रामेश्वर धाम सिहोरामाल में आंमत्रित किया गया है। 18 मार्च को ही दोपहर 4ः30 बजे रामेश्वर धाम सिहोरामाल से विशाल कलश यात्रा भी निकाली जायेगी।

सनातन धर्म में सहस्त्र चंडी महायज्ञ का है विशेष महत्व  

श्री रामेश्वरम धाम सेवा समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि सहस्त्र चंडी महायज्ञ को सनातन धर्म में बेहद शक्तिशाली वर्णित किया गया है, इस महायज्ञ से बिगड़े हुए ग्रहों की स्थति, जीवन में आने वाले अनेक संकटों, पारिवारिक बाधा, व्यक्तिगत बाधा, स्वास्थ्य लाभ के साथ-साथ जीवन में समस्त को साधने के यज्ञ का नाम, समस्त के आशीर्वाद को पाने का नाम है।  जीवन में परमात्मा का साथ ही और पुण्य ही जीवन को सफल बनाता है और सहस्र चंडी महायज्ञ पुण्यों की संज्ञा में महापुण्य का नाम है। 
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