मृत्यु के बाद पांच लोगों को नया जीवन दे गए सुरेन्द्र मानकर
छिंदवाड़ा
23-Mar-26
मानकर परिवार ने समाज के सामने उत्कृष्ट उदाहरण बन प्रस्तुत की मिसाल
छिंदवाड़ा
चंदनगाव क्षेत्र के निवासी स्वर्गीय सुरेंद्र मानकर के परिवार ने अवयव दान का ऐतिहासिक और प्रेरणादायक निर्णय लेकर मानवता की मिसाल प्रस्तुत की है। इस निर्णय के माध्यम से पाँच जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन प्राप्त हुआ है। 55 वर्षीय सुरेंद्र मानकर एक साधारण परिवार से थे शाम को काम पूर्ण कर घर लौट रहे थे तभी दुपहिया वाहन द्वारा सामने से टकर मारी इस सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल होने के बाद उन्हें नागपुर एम्स में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों द्वारा उन्हें ब्रेन डेड घोषित किया गया।

इस कठिन परिस्थिति में भी उनके परिवार पत्नी ललिता मानकर तथा उनके बच्चों गगन (19) और वेदांत ने साहस और संवेदनशीलता का परिचय देते हुए अवयव दान का निर्णय लिया। परिवार की सहमति के पश्चात चिकित्सकों की टीम ने सफलतापूर्वक यकृत (लिवर), दोनों किडनी और नेत्रों का प्रत्यारोपण किया। इस प्रक्रिया के तहत एक मरीज को यकृत (लिवर) प्रत्यारोपित किया गया। दो मरीजों को किडनी प्रत्यारोपित की गई एवं दो नेत्रहीन व्यक्तियों को दृष्टि प्राप्त हुई। डॉक्टरों और संबंधित संस्थाओं के सहयोग से यह संपूर्ण प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न हुई। परिवार के इस निर्णय ने समाज में एक सकारात्मक संदेश दिया है कि मृत्यु के बाद भी मानव अपने अंगों के माध्यम से दूसरों को जीवनदान दे सकता है। यह कदम न केवल सराहनीय है, बल्कि अन्य लोगों के लिए भी प्रेरणादायक है।