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विद्यार्थियों ने विश्व वानिकी दिवस पर प्रकृति की पाठशाला को समझा

विद्यार्थियों ने विश्व वानिकी दिवस पर प्रकृति की पाठशाला को समझा
छिंदवाड़ा
21-Mar-26
छिंदवाड़ा

विश्व वानिकी दिवस पर पेड़ की छांव में प्रकृति की पाठशाला लगाई गई। जन अभियान परिषद के इस कार्यक्रम में मनुष्य के जीवन का आधार पेड़-पौधों, नदियों, पहाड़ों, जीव-जंतु के बारे में विद्यार्थियों को जानने और समझने का अवसर मिला। पर्यावरण विद विनोद तिवारी ने कहा कि वसुंधरा का श्रृंगार ही वन है इसे बचाने और बढ़ाने पर मनुष्य का जीवन सुरक्षित रह पायगा। 

परामर्शदाता डॉ. लता नागले ने कहा कि कार्बन उत्सर्जन के कारण ग्रीन हाउस गैसों का रिलीज होना है हमारे वातावरण में गर्मी को बढ़ा रहा है जिससे ग्लेशियर का पिघलना और कभी अत्याधिक सूखा या बाढ़ जैसी स्थिति निर्मित हो रही है। परामर्शदाता तृप्ति सिंह ने हम अपने दैनिक जीवन में छोटी छोटी सी आदतों में सुधार लायेगे तो अवश्य पर्यावरण के हितैषी हो सकते है फिर चाहे पौधे लगाने की बात हो या जल संरक्षण की या विद्युत ऊर्जा संरक्षण की हम प्रकृति के सच्चे साधक बन सकते है। समाजसेवी श्यामलराव ने कहा कि हम ये भूल गए हैं कि प्रकृति का जितना अधिक दोहन करेंगे उतना हमारा वातावरण प्रदूषित होते जाएगा। प्रकृति संवाद कार्यक्रम में बीएसडब्ल्यू, एमएस डब्ल्यू की बंदना यादव, भूमिका संबैकर, संस्कार निर्मलकर, विनय सागर ने भी अपने विचार व्यक्त किए। सभी ने पीपल, बड़ एवं नीम के पेड़ के नीचे कुछ देर मौन रहकर प्रकृति संवाद महसूस किया। कार्यक्रम के अंत में आभार व्यक्त परामर्शदाता आशीष साहू ने किया ।
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