पीड़ित और शोषितों की आवाज उठाना कांग्रेस के लिए जनसेवा: सुनील उइके
छिंदवाड़ा
30-Mar-26
भाजपा जनता को मौत के मुंह में धकेलती है भाजपा और सवाल नकुल-कमलनाथ पर उठाती है
छिन्दवाड़ा
भाजपा ने शहर के पुलिस मैदान में सीएम की सभा के लिए भीड़ जुटाने आम जनता पर दबाव बनाया। इस बात का पत्र भी सार्वजनिक हो चुका है। पत्र में साफ उल्लेख किया गया है कि सभा में पहुंचे तो मनरेगा सहित अन्य शासन की योजना की राशि प्राप्त नहीं होगी। जनता के टैक्स के पैसों पर चलने वाली योजनाओं को भाजपा ने अपनी बफौती मान लिया है। भाजपा की यह दुर्गति हो चुकी कि उसे भीड़ जुटाने के लिए जनता पर दबाव बनाना पड़ रहा। कांग्रेस इसे कभी भी बर्दाश्त नहीं करेगी। उक्त उदगार जामई विधायक सुनील उइके ने भाजपा जिलाध्यक्ष के बयान पर पलटवार करते हुए व्यक्त किए।
जारी बयान में श्री उइके ने आगे कहा कि भाजपा अपनी राजनीति चमकाने के लिए जनता को मौत के मुंह में नहीं धकेल सकती। भाजपा जिलाध्यक्ष शेषराव यादव कह रहे हैं कि सीएम और प्रभारी मंत्री घायलों से मिलने आए, दिवंगतों के घर भी गए तो क्या यह अहसान है ? जनसेवा की शपथ लेकर पद पर बैठे हैं, या सिर्फ घोटाले और गबन करने के लिए पद पाया है? मैंने पहले भी कहा था कि कांग्रेस राजनीति नहीं जनसेवा कर रही है। दुर्घटना के तत्काल बाद कांग्रेस के जनप्रतिनिधि सर्वप्रथम जिला अस्पताल पहुंचे और भाजपा के लोग सीएम के कार्यक्रम की वाहवाही लूट रहे थे, लाशों पर राजनीति भाजपा करती है जिसका प्रत्यक्ष उदाहरण गत दिवस हुई भीषण दुर्घटना है जिसके लिए पूर्णतः भाजपा जिम्मेदार है।
भाजपा जिलाध्यक्ष और समूची भाजपा सरकार 10 मौतों के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार है। उन्हें इस मामले में प्रश्न करने की बजाए पश्चाताप करना चाहिए और जनता से हाथ जोड़कर माफी मांगनी चाहिए। भाजपा जिलाध्यक्ष में जरा भी मानवीयता होती तो वह सार्वजनकि रूप से दुर्घटना की जिम्मेदारी लेते हुए दिवंगतों के परिजनों को 1-1 करोड़ रुपए मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और घायलों को 4-4 लाख रुपए अनुग्रह राशि प्रदान करने की मांग मुख्यमंत्री से करते। मैं पुनः कह रहा हूं कि शोकाकुल परिवारजनों व घायलों की आवाज उठाना भाजपा के लिए राजनीति हो सकती है, लेकिन कांग्रेस के लिए यह जनसेवा है जिसे कांग्रेस लगातार करती रहेगी।