जनप्रतिनिधियों का कचरा टैक्स घटाने प्रस्ताव कचरे में
छिंदवाड़ा
13-Apr-26
जनप्रतिनिधि नहीं प्रशासनिक अधिकारी की चल रही नगर निगम में
परिषद बैठक में नहीं आया प्रस्ताव, पार्षदों ने भी जताई आपत्ति
छिंदवाड़ा
सोमवार को नगर निगम में आयोजित परिषद की बैठक जनप्रतिनिधि मुंह ताकते रह गए और निगम के प्रशासनिक अधिकारियों ने कचरा टैक्स घटाने के निर्णय कचरे के डब्बे में डाल दिया। यही नहीं गुलाबरा के पार्षद ने बैठक में विरोध का अनोखा तरीका अपनाया जो आज दिनभर शहर में चर्चा का विषय बना रहा।
मिली जानकारी के अनुसार नगर निगम की एमआईसी (मायनॉरिटी इन काउंसिल) बैठक में कचरा टैक्स को 1200 रुपए से घटाकर 600 रुपए करने का प्रस्ताव पारित किया गया था। उसके बाद से ही जनप्रतिनिधियों और निगम के प्रशासनिक अधिकारियों के बीच खींचातानी शुरू हो गई और आखिरकार सोमवार को सोमवार को आयोजित नगर निगम परिषद की बैठक में यह प्रस्ताव प्रस्तुत ही नहीं किया गया। बैठक में मौजूद कुछ पार्षदों ने इस पर सवाल उठाते हुए स्पष्टीकरण मांगा।

जानकारी के अनुसार निगम अधिकारियों की ओर से यह तर्क दिया गया कि कचरा टैक्स से संबंधित निर्णय शासन स्तर का विषय है, इसलिए परिषद में इसे शामिल नहीं किया गया। इस स्पष्टीकरण के बाद मामले को लेकर और अधिक भ्रम की स्थिति बन गई है। इस पूरे घटनाक्रम ने शहर के निवासियों के बीच असमंजस पैदा कर दिया है। नागरिकों का कहना है कि यदि प्रस्ताव लागू होना ही नहीं था, तो इसे पहले सार्वजनिक क्यों किया गया। वहीं, कुछ जनप्रतिनिधियों ने भी बैठक के दौरान इस मुद्दे पर अपनी आपत्ति दर्ज कराते हुए पारदर्शिता की आवश्यकता पर जोर दिया। कचरा टैक्स को लेकर स्थिति अभी भी अस्पष्ट बनी हुई है। ऐसे में शहरवासियों को राहत मिलेगी या नहीं, यह आने वाले दिनों में निगम और शासन स्तर पर लिए जाने वाले निर्णयों पर निर्भर करेगा।
पार्षद संदीप चौहान ने किया अनोखा विरोध
बैठक में गुलाबरा क्षेत्र के पार्षद संदीप चौहान ने निगम आयुक्त के समक्ष अनोखा प्रदर्शन किया। वे आयुक्त के सामने रखी टेबल पर बैठ कर अपनी बात आयुक्त को सुनाते रहे। गुलाबरा क्षेत्र में वितरित किए जाने वाले प्रदूषित जल की बोतल भी वे अपने साथ लाए थे जो उन्होंने आयुक्त के सामने रखते हुए उनसे दूषित पानी पीने की मांग कर डाली। पार्षद संदीप सिंह चौहान के प्रदर्शन से उपस्थित जनप्रतिनिधि और अधिकारी हतप्रभ रह गए।