भाजपा की मानसिकता में ही धर्म और भगवान पर राजनीति करना भरा हुआ है: मागो
राजनीति
18-Sep-26
छिन्दवाड़ा

कांग्रेस के लिए धर्म राजनीति का नहीं बल्कि आस्था का विषय है, इसीलिये कांग्रेस ने हमेशा ही धर्म और राजनीति को एक दूसरे से अलग रखा है। लालबागचा राजा (मुंबई महाराष्ट्र), श्रीमंत दगडूशेठ हलवाई गणपति (पुणे महाराष्ट्र), सिद्धिविनायक (मुंबई महाराष्ट्र), मोती डूंगरी गणेश (जयपुर राजस्थान) ये विशेष स्थान और क्षेत्रीय पहचान को प्राथमिकता देते हुए नामकरण किए गए हैं, ऐसे ही अनेक नाम छिन्दवाड़ा में भी लिए जा रहे हैं। गत माह कांग्रेस की कांवड यात्रा पर भी बयान देकर यह साबित कर दिया था कि उनकी बुद्धि धार्मिक नहीं बल्कि भाजपाई राजनीति से ग्रसित है। यह बात शहर कांग्रेस अध्यक्ष धर्मेन्द्र सोनू मागो ने भाजपा के जिम्मेदार पदाधिकारी के बयान पर पलटवार करते हुए व्यक्त किया।
“छिन्दवाड़ा के नाथ” किसी जाति, धर्म अथवा राजनीतिक पार्टी को प्रचारित करने वाला नाम नहीं है, उसमें सर्वप्रथम छिन्दवाड़ा जुड़ा है और नाथ का अर्थ रक्षक होता है, भगवान को भी नाथ कहा जाता है। इतनी भी समझ नहीं है तो यह बात दो सौ फीसदी सत्य है कि भाजपाई आज तक आस्था और विश्वास के साथ कभी भगवान से जुड़े ही नहीं। छिन्दवाड़ा में भाजपा जिला अध्यक्ष हर धार्मिक आयोजनों पर धर्मविरोधी बयान देकर यह साबित कर रहे हैं कि धर्म और भगवान के नाम पर जो लूट भाजपा ने मचाई थी उसका अंत होने वाला है। राजनीतिक बयानबाजी अपनी जगह है, लेकिन भगवान की आड़ लेकर बयानबाजी करना धार्मिक आस्था को ठेंस पहुंचाना है जो भाजपा सतत रूप से कर रही है और जनता उसे देख रही।