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आउटसोर्स कर्मचारियों का आंदोलन खत्म, सीएमएचओ ने मांगे 15 दिन

आउटसोर्स कर्मचारियों का आंदोलन खत्म, सीएमएचओ ने मांगे 15 दिन
छिंदवाड़ा
18-Sep-26
स्थाई समाधान एवं दो दिन में वेतन भुगतान के के आश्वासन पर तीसरे दिन समाप्त

छिंदवाड़ा

स्वास्थ्य विभाग में काम करने वाले एसटीडब्लू आउटसोर्स कर्मचारियों का चार महीने का वेतन बकाया है, वेतन के लिए 15 सितंबर को तामिया ब्लाक के 50 से अधिक एमटीडब्लू आउटसोर्स कर्मचारी सीएमएचओ कार्यालय पर धरना दिया, जिसमें 17 सितंबर को सभी ब्लाकों के सैकडों कर्मचारी सुबह से शामिल हुए। 4 बजे सीएमएचओ आईं और उन्होंने 15 दिन में वेतन की समस्या के स्थाई समाधान के आश्वासन दिया। 20 मिनट तक चली बातचीत में सीएमएचओ ने वेतन में हो रही देरी  पर चिंता जताई और जल्दी ही कुछ महीने का वेतन दिलाने का भरोसा दिया। सीएमएचओ के आश्वासन पर तीन दिन से चल रहा आंदोलन समाप्त हुआ और 10 सितंबर को आउटसोर्स कर्मचारी मोर्चा के अध्यक्ष वासुदेव शर्मा के आव्हान पर भोपाल में बोने वावे बिचौलिए भगाओ आंदोलन में सैकडों आउटसोर्स कर्मचारियों के शामिल होने का निर्णय लिया गया। 

स्वास्थ्य विभाग के आउटसोर्स कर्मचारियों के धरना आंदोलन में प्रदेश अध्यक्ष वासुदेव शर्मा शामिल रहे। 
सीएमएचओ कार्यालय के अधिकारियों ने धरना दे रहे कर्मचारियों से सीएमएचओ ने बात की और 20 मिनट तक कर्मचारियों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने कर्मचारियों की मांगों को, उनकी पूजा परेशानियों को सही बताते हुए कहा कि मैं आपकी समस्याओं का स्थाई समाधान करना चाहती हूं, इसके लिए मुझे 15 दिन का समय चाहिए, इन 15 दिनों में ज्यादातर मांगे पूरी करूंगी। सीएमएचओ मैडम के इस पक्के आश्वासन पर 15 सितंबर से शुरू हुआ आंदोलन समाप्त करने का निर्णय लिया गया। धरने में आशीष सिंह राजपूत सहित सैकडों की संख्या में कर्मचारी शामिल हुए।

सीएमएचओ आफिस पर धरना दे रहे आउटसोर्स कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि एमटीडब्लू आउटसोर्स कर्मचारी वेतन के नियुक्ति दिनांक से ही परेशान हो रहे हैं, ऐसी स्थिति पूरे प्रदेश में हैं, जब तक बिचौलिए नहीं भगाए जाएंगे, तब तक वेतन की समस्या का स्थाई समाधान नहीं निकलेगा, इसलिए हमारे संगठन की ओर से 10 अक्टूबर को भोपाल में ष्बिचौलिए भगाओ नियमितीकरण कराओष् आंदोलन किया जा रहा है, जिसमें छिंदवाड़ा पाण्डुर्ना जिले से अधिक से अधिक आउटसोर्स कर्मचारियों को शामिल होना होगा, तभी सरकार आउटसोर्स जैसी शोषणकारी को समाप्त करने को मजबूर होगी।
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