धर्म और संगठन की आड़ में अलग-अलग राजनीतिक संदेश देने की राजनीति
राजनीति
17-Sep-26
भाजपा जिला उपाध्यक्ष अजय सक्सेना ने कहा
छिंदवाड़ा। भाजपा जिला उपाध्यक्ष अजय सक्सेना ने कांग्रेस और पूर्व सांसद नकुलनाथ की राजनीतिक गतिविधियों पर तीखा सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस कार्यालय में गणेश उत्सव आयोजित हो और उसी दौरान नकुलनाथ अपने सोशल मीडिया पर भगवान श्री गणेश के साथ अपनी तस्वीर लगाकर ‘छिंदवाड़ा के नाथ’ लिखें, तो यह केवल संयोग नहीं माना जा सकता। सवाल यह है कि नकुलनाथ कांग्रेस कमेटी के कार्यक्रम और संगठन की राजनीति से इत्तफाक रखते हैं या अपनी अलग राजनीतिक पहचान बनाने में लगे हैं?
जिला उपाध्यक्ष अजय सक्सेना ने कहा कि कांग्रेस कार्यालय में गणेश उत्सव आयोजित किया गया, लेकिन नकुलनाथ की सहभागिता को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं दिखाई दी। दूसरी ओर सोशल मीडिया पर भगवान श्री गणेश के साथ तस्वीर साझा कर स्वयं को ‘छिंदवाड़ा के नाथ’ बताने का प्रयास किया गया। यदि आस्था थी तो कांग्रेस कार्यालय के धार्मिक आयोजन में सहभागिता क्यों नहीं? और यदि संगठन के कार्यक्रम से सहमति थी तो फिर सोशल मीडिया पर अलग से व्यक्तिगत राजनीतिक पहचान स्थापित करने की जरूरत क्यों पड़ी? कांग्रेस जिला कमेटी और नकुलनाथ को इसका जवाब छिंदवाड़ा की जनता को देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भगवान श्री गणेश संपूर्ण सृष्टि के आराध्य हैं। उन्हें किसी व्यक्ति की राजनीतिक पहचान का माध्यम बनाना उचित नहीं है। ‘छिंदवाड़ा के नाथ’ कहकर भगवान श्री गणेश की तस्वीर के साथ अपनी राजनीतिक पहचान जोड़ना आस्था और राजनीति के बीच की मर्यादा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। छिंदवाड़ा की जनता किसी व्यक्ति को अपना ‘नाथ’ नहीं मानती। लोकतंत्र में जनता अपने प्रतिनिधि चुनती है और प्रतिनिधि जनता के सेवक होते हैं।
अब समय आ गया है कि कांग्रेस और नकुलनाथ इस वास्तविकता को स्वीकार करें और धार्मिक आस्था को व्यक्तिगत राजनीतिक प्रचार का माध्यम बनाने के बजाय जनता के वास्तविक मुद्दों पर अपनी भूमिका स्पष्ट करें।