जिला जेल में संदिग्ध मौत से भड़का आक्रोश, तिगांव में शराब दुकान के बाहर उग्र प्रदर्शन और तोड़फोड़
छिंदवाड़ा
17-Jun-25
पांढुर्णा
पांढुर्णा के ग्राम तिगांव में सोमवार शाम उस समय तनाव फैल गया जब जिला जेल में बंद युवक भाऊराव उईके की संदिग्ध मौत के विरोध में आदिवासी समाज के लोगों ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने गांव के बस स्टैंड स्थित सरकारी शराब दुकान के सामने शव रखकर नारेबाजी की, दुकान में तोड़फोड़ की और सड़क पर चक्काजाम कर दिया।"
पांढुर्णा के ग्राम तिगांव में सोमवार शाम उस समय तनाव फैल गया जब जिला जेल में बंद युवक भाऊराव उईके की संदिग्ध मौत के विरोध में आदिवासी समाज के लोगों ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने गांव के बस स्टैंड स्थित सरकारी शराब दुकान के सामने शव रखकर नारेबाजी की, दुकान में तोड़फोड़ की और सड़क पर चक्काजाम कर दिया।"
शराब मामले में जेल भेजा गया था युवक
तिगांव निवासी भाऊराव उईके को 4 जून 2025 को 55 लीटर अवैध कच्ची शराब के परिवहन और बिक्री के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। मामला गैरजमानती धाराओं में दर्ज होने के कारण उसे जिला जेल छिंदवाड़ा भेजा गया था। परिजनों का कहना है कि रविवार रात उसकी जेल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।
शव के साथ सड़क पर उतरे ग्रामीण
सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही परिजन शव को गांव लाए, सैकड़ों ग्रामीण एकत्र हो गए। शव को शराब दुकान के सामने रखकर उग्र प्रदर्शन शुरू हुआ। इस दौरान दुकान में तोड़फोड़ की गई और पुलिस-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई।
प्रशासन हरकत में, तनाव के बीच पहुंचा पुलिस बल
स्थिति को देखते हुए पांढुर्णा एसडीओपी बृजेंद्र भार्गव, थाना प्रभारी अजय मरकाम और यातायात प्रभारी आकांक्षा सहारे पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। देर शाम तहसीलदार विनय प्रकाश ठाकुर ने भी पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। काफी समझाइश के बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए रवाना किया गया।
परिजनों का आरोप, पुलिस ने की थी मारपीट
मृतक की पत्नी शर्मिला उईके ने आरोप लगाया कि भाऊराव को झूठे केस में फंसाया गया और गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने बुरी तरह पीटा, जिससे उसकी मौत हुई। हालांकि पुलिस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि सच्चाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगी।
गांव में तनाव, जांच जारी
फिलहाल गांव में भारी पुलिस बल तैनात है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है। घटना ने आदिवासी समाज में गहरा असंतोष पैदा कर दिया है। प्रशासन ने निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया है
मृतक की पत्नी शर्मिला उईके ने आरोप लगाया कि भाऊराव को झूठे केस में फंसाया गया और गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने बुरी तरह पीटा, जिससे उसकी मौत हुई। हालांकि पुलिस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि सच्चाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगी।
गांव में तनाव, जांच जारी
फिलहाल गांव में भारी पुलिस बल तैनात है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है। घटना ने आदिवासी समाज में गहरा असंतोष पैदा कर दिया है। प्रशासन ने निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया है