भाजपा के दबाव से सिर्फ बयान बदले जा सकते हैं सच्चाई नहीं: कांग्रेस
राजनीति
28-Oct-26
राजमहल की तानाशाही पर लगने वाला है विराम

छिन्दवाड़ा अपडेट
भाजपा के दबाव से सिर्फ बयान बदले जा सकते हैं, लेकिन सच्चाई नहीं बदली जा सकती। जनता बहुत अच्छी तरह जानती है कि कांग्रेस के एक छोटे से कार्यकर्ता पर भिन्न-भिन्न प्रकार के दबाव बनाकर वीडियो बनवाना और उसे सोशल मीडिया पर जारी करना कोई बड़ी बात नहीं है। इसीलिये पुलिस ने भी आज दिनांक तक तीन लिखित शिकायतों पर जांच और कार्रवाई नहीं की, उन्हें ठण्डे बस्ते में डाल दिया है। हालांकि जनता यह बात जानती है कि भाजपा के तंत्र, यंत्र और षड्यंत्र सबकुछ जल्द ही विफल होने वाले हैं। इस हिसाब से तिलमिलाहट आवश्यक है। राजमहल की तानाशाही पर भी विराम लगने वाला है। उक्त उदगार कांग्रेस के जिला प्रवक्ता राजेश पाटिल ने भाजपा जिला महामंत्री के बयान पर पलटवार करते हुए व्यक्त किए।
पुलिस अपराध पंजीबद्ध करने से बंच रही
जारी बयान में श्री पाटिल ने आगे कहा कि कांग्रेस के पास वह वीडियो भी मौजूद है जिसमें कांग्रेस के कार्यकर्ता बलराम श्रीवास निवासी वार्ड क्रमांक 04 हर्रई ने साफ तौर पर कहा है कि वह 18 अक्टूबर को छिन्दवाड़ा से हर्रई लौट रहा था। रात करीब 10 बजे महल के सामने चौराहे पर दो बाइक पर सवार होकर अमरवाड़ा विधायक कमलेश शाह के समर्थक व भाजपा नेता अंशुल सोनी सहित अन्य चार लोग पहुंचे। उन्होंने बलराम श्रीवास के साथ मारपीट की, उसका मोबाइल छीना और उसका अपहरण कर अमरवाड़ा विधायक के निवास परिसर में ले जाकर पुनः मारपीट कर जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित के मोबाइल से हर्रई ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष रामजी उइके को आपत्तिजनक व अशोभनीय शब्दों से भरा हुआ संदेश भेजा जिसकी शिकायत सम्पूर्ण तथ्यों व साक्ष्य के साथ अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक से की गई, किन्तु इस मामले में भी पुलिस ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है इसका सीधा अर्थ है कि पुलिस अपराध पंजीबद्ध व कार्रवाई करने से सीधे तौर पर बच रही है।
भाजपा विधायक के दबाव में है पुलिस
पीड़ित बलराम श्रीवास के साथ जहां मारपीट की गई उससे कुछ दूरी पर गरबा का आयोजन चल रहा था जिसमें पीड़ित भतीजे और भतीजी थीं, उन्होंने बीच बचाव किया। श्री बलराम श्रीवास ने उक्त वारदात की लिखित शिकायत पुलिस थाना अमरवाड़ा में की किन्तु भाजपा विधायक के दबाव में पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की और अब भाजपा के नेताओं के द्वारा उस पर लगातार दबाव बनाकर भ्रामक व तथ्यहीन वीडियो बनाकर भाजपा के द्वारा प्रसारित किए जा रहे हैं। सच्चाई सभी जानते हैं कि सत्ता और शासन की धौंस से भाजपा सिर्फ बयान बदलवा सकती है, लेकिन सच्चाई नहीं बदल सकती। पुलिस अगर निष्पक्ष जांच करें तो पीड़ित कांग्रेस कार्यकर्ता की जुबानी सत्य साबित होगी।
भाजपा विधायक के कर्मचारी पर कार्रवाई से बच रही पुलिस
अमरवाड़ा विधायक कमलेश शाह के कर्मचारी मोहन नेमा के द्वारा कांग्रेस के आदिवासी कार्यकर्ता धनीराम भलावी निवासी हर्रई वार्ड क्रमांक 02 को सोशल मीडिया पर अपहरण सहित अन्य धमियां दी गई थी। इस मामले की भी पुलिस को शिकायत दी, लेकिन अभी तक कार्रवाई कुछ भी नहीं हुई। इसी तरह कांग्रेस के हर्रई ब्लॉक अध्यक्ष रामजी उइके के द्वारा भी एक लिखित शिकायत प्रस्तुत की गई किन्तु पुलिस ने आज दिनांक तक तीनों ही मामले में कोई जांच और कार्रवाई नहीं की है। इससे यह साफ जाहिर हो रहा है कि पुलिस भाजपा के इशारों पर काम कर रही और पीड़ित के बयानों को बदलवाने में पूरी मदद कर रही है। पुलिस अगर सम्पूर्ण मामले की त्वरित व निष्पक्ष जांच करती तो अभी तक भाजपा विधायक कमलेश प्रताप शाह का निज सचिव मोहन नेमा और भाजपा नेता अंशुल सोनी पर अपराध पंजीबद्ध हो चुका होता, लेकिन पुलिस भी इस मामले में भाजपा के इशारों पर काम कर रही है।