27% ओबीसी आरक्षण लागू करने की मांग को लेकर भोपाल में गरजे ओबीसी संगठन
छिंदवाड़ा
21-Jul-26
विधानसभा घेराव आंदोलन में शामिल हुए प्रदेशभर के पदाधिकारी
7 अगस्त को बेंगलुरु में होने वाले राष्ट्रीय अधिवेशन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने का किया आह्वान

छिंदवाड़ा
राष्ट्रीय ओबीसी महासंघ एवं विभिन्न ओबीसी संगठनों ने भोपाल में ओबीसी महासभा के समर्थन में विधानसभा घेराव आंदोलन और विशाल मोर्चा निकालकर ओबीसी समाज की लंबित मांगों को प्रमुखता से उठाया। आंदोलन में मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे पदाधिकारियों और समाजजनों ने 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण को पूर्ण रूप से लागू करने तथा जातीय जनगणना में ओबीसी वर्ग के लिए पृथक कॉलम शामिल किए जाने की मांग की।
जिला मीडिया प्रभारी संगीता दिलीप चरपे ने बताया कि आंदोलन की प्रमुख मांगों में ओबीसी आरक्षण पर लगे 13 प्रतिशत होल्ड को समाप्त कर प्रदेश में 27 प्रतिशत आरक्षण को प्रभावी रूप से लागू करना शामिल है। इसके अलावा केंद्र और राज्य सरकार से जातीय जनगणना शीघ्र कराए जाने और ओबीसी वर्ग को उसके संवैधानिक अधिकार सुनिश्चित करने की भी मांग की गई।
7 अगस्त को बेंगलुरु में होगा राष्ट्रीय अधिवेशन
राष्ट्रीय ओबीसी महासंघ के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने आंदोलन को संबोधित करते हुए कहा कि आगामी 7 अगस्त को बेंगलुरु में महासंघ का 11वां राष्ट्रीय अधिवेशन आयोजित किया जाएगा। उन्होंने समाज के लोगों से बड़ी संख्या में अधिवेशन में शामिल होकर ओबीसी समाज के अधिकारों की लड़ाई को मजबूत करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय ओबीसी महासंघ लोकतांत्रिक और संवैधानिक मूल्यों में विश्वास रखता है तथा शासन और प्रशासन का सम्मान करते हुए अपनी मांगों को शांतिपूर्ण तरीके से सरकार के समक्ष रख रहा है।
इन पदाधिकारियों की रही सक्रिय सहभागिता
आंदोलन में राष्ट्रीय ओबीसी महिला महासंघ की राष्ट्रीय अध्यक्ष रत्नमाला पिसे, प्रदेश अध्यक्ष निरूपा प्रवीण ब्रम्हे, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष शशि नंद, गोपाल साहू, सागर जिला अध्यक्ष रोहिणी रामेंद्र साहू, जिला मंत्री लकी तुलसीराम चोरकर, जिला कोषाध्यक्ष शुभांगी विजय घोरसे, जिला महासचिव सुरेखा राकेश गुप्ता, जिला मीडिया प्रभारी संगीता दिलीप चरपे, डॉ. प्रीति सहित अनेक पदाधिकारियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भागीदारी निभाई।
क्या हैं आंदोलन की प्रमुख मांगें?
- ओबीसी आरक्षण पर लगे 13 प्रतिशत होल्ड को समाप्त किया जाए।
- मध्यप्रदेश में 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण को पूर्ण रूप से लागू किया जाए।
- जातीय जनगणना में ओबीसी वर्ग के लिए स्वतंत्र कॉलम निर्धारित किया जाए।
- ओबीसी वर्ग को उसके संवैधानिक अधिकार सुनिश्चित किए जाएं।
- जातीय जनगणना की प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ की जाए।