व्यापार और रोजगार के नए अवसर तेजी से बढ़ेंगे: बंटी विवेक साहू
राजनीति
06-Aug-26
संसद में पारित सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास विधेयक 2026 पर सांसद ने दी प्रतिक्रिया

छिन्दवाड़ा
मंत्रालय के प्रमुख विभाग कंज्यूमर अफेयर फूड एंड पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन और कोयला मंत्रालय संसदीय सलाहकार समिति के सदस्य एवं सांसद बंटी विवेक साहू ने बताया कि संसद ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) विधेयक 2026 पारित कर दिया है। इस विधेयक का उद्देश्य सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास अधिनियम 2006 में और संशोधन करना है। इसका लक्ष्य भुगतान में देरी को दूर करना और विवाद समाधान को सरल बनाना है।
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम क्षेत्र का दायरा 38 लाख करोड़ रूपए हुआ
सांसद बंटी विवेक साहू ने बताया कि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम क्षेत्र को दिए गए बकाया ऋण में हाल के वर्षों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि 2014-15 में लगभग 10 लाख करोड़ रुपये का यह ऋण अब बढ़कर 38 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। उन्होंने कहा कि इससे यह स्पष्ट होता है कि एमएसएमई क्षेत्र को दिए जाने वाले ऋण का प्रवाह लगातार बढ़ रहा है। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) के लिए ऋण गारंटी निधि ट्रस्ट की भूमिका का उल्लेख करते हुए सांसद बंटी विवेक साहू ने कहा कि वर्ष 2000 से 2022 के बीच एमएसएमई को दी गई कुल ऋण गारंटी लगभग तीन लाख 14 हजार करोड़ रुपये थी। हालांकि पिछले चार वर्षों में, 2022-23 से 2025-26 तक, यह राशि बढ़कर 10 लाख 47 हजार करोड़ रुपये से अधिक हो गई है।
एमएसएमई देश की बेरोजगारी की समस्या का समाधान
सांसद बंटी विवेक साहू ने कहा कि सरकार एमएसएमई क्षेत्र को मजबूत करने, इसकी विकास क्षमता को बढ़ाने और व्यापार विस्तार को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। उन्होंने कहा कि अकेले विनिर्माण क्षेत्र देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 17 प्रतिशत का योगदान देता है और एमएसएमई देश की बेरोजगारी की समस्या का समाधान कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि एमएसएमई क्षेत्र जीडीपी में 36 प्रतिशत का योगदान देता है और लगभग 30 करोड़ लोगों को रोजगार प्रदान करता है।