लोक सेवा गारंटी अधिनियम में लापरवाही पड़ी महंगी
छिंदवाड़ा
29-May-26
छिन्दवाडा
मध्यप्रदेश लोक सेवा गारंटी अधिनियम 2010 के अंतर्गत निर्धारित समय-सीमा में सेवाओं का निराकरण नहीं करने वाले पदाभिहित अधिकारियों पर द्वितीय अपीलीय अधिकारी/जिला योजना अधिकारी द्वारा कार्रवाई करते हुए अर्थदण्ड अधिरोपित किया गया है।
जारी आदेश में बताया गया है कि आवेदकों द्वारा विभिन्न सेवाओं हेतु प्रस्तुत आवेदन निर्धारित समय-सीमा में निराकृत नहीं किए गए, जिसके कारण संबंधित प्रकरण एमपी ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर समय-सीमा से बाह्य प्रदर्शित हुए। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत परासिया द्वारा भेजी गई अनुशंसा एवं प्रकरणों की समीक्षा उपरांत अधिनियम की धारा 7(1)(क) एवं (ख) के तहत संबंधित अधिकारियों पर प्रतिदिन 250 रुपये की दर से अर्थदण्ड अधिरोपित किया गया।
जारी आदेश के अनुसार ग्राम पंचायत भाजापानी के विजय पवार पर 5 दिवस विलंब के लिए 1250 रुपये, ग्राम पंचायत सेठिया के राजेन्द्रशा धुर्वे पर 3 दिवस विलंब के लिए 750 रुपये, ग्राम पंचायत मोरडोंगरीखुर्द के सालकराम साहू पर 1 दिवस विलंब के लिए 250 रुपये, ग्राम पंचायत भमोडी के राजेश सेंगर पर 3 दिवस विलंब के लिए 750 रुपये तथा ग्राम पंचायत खिरसाडोह के विजय सिंधिया पर 3 दिवस विलंब के लिए 750 रुपये का अर्थदण्ड लगाया गया है।
आदेशानुसार उक्त राशि संबंधित अधिकारियों के आगामी माह के वेतन से काटकर निर्धारित मद में जमा कराई जाएगी तथा चालान की प्रति द्वितीय अपीलीय प्राधिकारी को उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाएगा। जिला प्रशासन ने कहा है कि लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत नागरिकों को समय-सीमा में सेवाएं उपलब्ध कराना शासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है तथा लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।