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दशहरा मैदान में 8 से 12 अक्टूबर तक लगेगा सांसद स्वदेशी मेला

दशहरा मैदान में 8 से 12 अक्टूबर तक लगेगा सांसद स्वदेशी मेला
छिंदवाड़ा
01-Oct-25
कला, संस्कृति, स्वदेशी और स्वाद का होगा अनुठा संगम

छिंदवाड़ा

आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिए स्वदेशी अपनाना ज़रूरी है, वहीं हमारी संस्कृति को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए युवा पीढ़ी को इससे जोड़े रखना भी अनिवार्य है। हमारी संस्कृति ही हमारी पहचान है। छिन्दवाड़ा शहर में स्वदेशी और संस्कृति का अनूठा संगम होने जा रहा है। यह संगम हमे सांसद स्वदेशी मेले में देखने को मिलेगा। स्थानीय दशहरा मैदान में आगामी 8 अक्टूबर से 12 अक्टूबर तक सांसद स्वदेशी मेले का आयोजन किया गया है। सांसद बंटी विवेक साहू द्वारा आयोजित इस मेले की थीम भारतीय संस्कृति पर आधारित होगी। मेले में विभिन्न सांस्कृतिक आयोजनों के साथ लोक संस्कृति की भी झलक दिखेगी। इस सांसद स्वदेशी मेले में लोक कलाकारों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से लोक संगीत का भी आयोजन होगा। जिसमें प्रमुख तौर पर लोक नृत्य, लोक गायन सहित अन्य आयोजन होंगे। इस सांसद स्वदेशी मेले को लेकर सांसद बंटी विवेक साहू ने सांसद कार्यालय में तैयारी की समीक्षा करने के लिए आयोजन समिति के सभी पदाधिकारियों और सोशल मीडिया से जुड़े हुए एक्सपर्टाे की बैठक लेते हुए इस मेले के प्रचार प्रसार को लेकर दिशा निर्देश दिए।  

सांसद बंटी विवेक साहू के विशेष प्रयासों से आयोजित इस मेले में हमारी आदिवासी संस्कृति पर आधारित विभिन्न कार्यक्रमों का भी आयोजन होगा। साथ ही चित्रकला सहित अन्य कलाओं का भी प्रदर्शन किया जायेगा। वोकल फॉर लोकल को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से सांसद स्वदेशी मेले में पहुंचने वालों को स्वादिष्ट पारंपरिक खानपान का स्वाद भी चखने को मिलेगा। कला, संस्कृति, स्वदेशी और स्वाद के इस अनूठे संगम के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। सांसद बंटी विवेक साहू ने सांसद स्वदेशी मेले में सभी लोगों से उपस्थित होने और  भाग लेने के लिए अपील की है।

सांसद स्वदेशी मेले में प्रतिदिन होंगे विभिन्न आयोजन

सांसद कार्यालय में आयोजित बैठक के दौरान आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि इस मेले में प्रतिदिन विभिन्न आयोजन किए जाएंगे, जो कि स्वदेशी पर केन्द्रित रहेंगे। जिसमें प्रमुख रूप से नाटक, नृत्य, गीत संगीत, चित्रकला, कुम्हारी कला, रंगोली, मेंहदी, फोटोग्राफी, आर्ट गैलरी, स्वदेशी क्राफ्ट बांस और छिंद से बनी वस्तुएं, जनजाति कलाकारों द्वारा कब आयेगी सांगों की प्रस्तुतिमक्का व्यंजन प्रतियोगिता, लोकनृत्य, लोकगीत, स्वदेशी ताम्बोला, स्वदेशी खेल जिसमें पिट्टू, कोढ़ी, लट्टू, कंचे सहित अन्य, कबड्डी व खो-खो प्रतियोगिता, निब्बू चम्मच दौड़, जस प्रतियोगिता, जादू शो, रील प्रतियोगिता सहित अन्य आयोजन किए जाएंगे। 
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