अगले दो दिन छिंदवाड़ा में तेज आंधी के साथ बारिश की संभावना
छिंदवाड़ा
04-Jun-25
छिंदवाड़ा।
प्री मानसून की दस्तक मध्यप्रदेश में हो चुकी है। इस बार 25 मई को नौतपा शुरू होना होना था लेकिन 24 मई से ही प्री मानसून सक्रिय हो गया। बुधवार को छिंदवाड़ा सहित प्रदेश के 39 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है जिनमें 17 जिलों में 60 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाएं भी चली। फिलहाल 7 जून तक इसी तरह का मौसम बने रहने की संभावना मौसम विभाग ने जताई है। 5 जून को छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नरसिंहपुर, मंडला, बालाघाट, बैतूल आदि जिलों में 50 से 60 किमी प्रतिघंटा की गति से हवाएं चलने की संभावना है। साथ ही बारिश का अलर्ट भी जारी किया गया है। 6 जून को मध्यम धूप के साथ बादल छाए रहेंगे तो वहीं 7 जून को फिर 40 से 50 किमी प्रतिघंटा की तेज गति से हवाएं चलने की संभावनाएं जताई जा रही है। सभी नागरिकों को सलाह है कि घर से निकलते समय अपने साथ बारिश के बचाव के साधन साथ में लेकर निकले और कहीं घने बादल छाए हों बारिश हो रही हो तो घने पेड़ों के नीचे खड़े न रहें। यह आपके जीवन के लिए बड़ा खतरा साबित हो सकती है। वैज्ञानिकों का मानना है कि अक्सर बिजली गिरने की घटनाएं पेड़ों के आसपास होती है। बारिश के दौरान यदि आपके पास मोबाईल हो तो उसे भी बंद कर दे ताकि बादलों के घनत्व वाले स्थानों पर वज्रपात की संभावना को टाला जा सके।
प्री मानसून की दस्तक मध्यप्रदेश में हो चुकी है। इस बार 25 मई को नौतपा शुरू होना होना था लेकिन 24 मई से ही प्री मानसून सक्रिय हो गया। बुधवार को छिंदवाड़ा सहित प्रदेश के 39 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है जिनमें 17 जिलों में 60 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाएं भी चली। फिलहाल 7 जून तक इसी तरह का मौसम बने रहने की संभावना मौसम विभाग ने जताई है। 5 जून को छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नरसिंहपुर, मंडला, बालाघाट, बैतूल आदि जिलों में 50 से 60 किमी प्रतिघंटा की गति से हवाएं चलने की संभावना है। साथ ही बारिश का अलर्ट भी जारी किया गया है। 6 जून को मध्यम धूप के साथ बादल छाए रहेंगे तो वहीं 7 जून को फिर 40 से 50 किमी प्रतिघंटा की तेज गति से हवाएं चलने की संभावनाएं जताई जा रही है। सभी नागरिकों को सलाह है कि घर से निकलते समय अपने साथ बारिश के बचाव के साधन साथ में लेकर निकले और कहीं घने बादल छाए हों बारिश हो रही हो तो घने पेड़ों के नीचे खड़े न रहें। यह आपके जीवन के लिए बड़ा खतरा साबित हो सकती है। वैज्ञानिकों का मानना है कि अक्सर बिजली गिरने की घटनाएं पेड़ों के आसपास होती है। बारिश के दौरान यदि आपके पास मोबाईल हो तो उसे भी बंद कर दे ताकि बादलों के घनत्व वाले स्थानों पर वज्रपात की संभावना को टाला जा सके।