जर्मनी की कलाकार दुर्गा आर्या देंगी कत्थक प्रस्तुति
छिंदवाड़ा
04-Jun-25
7-8 जून को बादल भोई म्यूजियम के ओपन ऑडिटोरियम में होगा आयोजन
छिंदवाड़ा।
कला संगम शास्त्रीय नृत्य एवं संगीत महोत्सव 2025 का आयोजन 7 एवं 8 जून को बादल भोई म्यूजियम ओपन ऑडिटोरियम खजरी नाका छिंदवाड़ा में होने जा रहा है। इस वर्ष देश एवं विदेश से आए कलाकार विभिन्न शास्त्रीय नृत्य की प्रस्तुतियां देंगे। आयोजक संस्था कला संगम शास्त्रीय नृत्य एवं संगीत महोत्सव समिति छिंदवाड़ा के निर्देशक अमित डोले ने बताया कि कार्यक्रम के प्रथम दिवस 7 जून को पृथ्वीजा बाल गोपालन (चैन्नई) एवं के. पी. राकेश (चैत्रई) भरतनाट्यम जुगलबंदी, सत्यनारायण राजू (बैंगलोर) भरतनाट्यम तथा अमित डोले (छिंदवाड़ा) भरतनाट्यम नृत्य की प्रस्तुति देंगे। दूसरे दिवस 8 जून को दुर्गा आर्या (जर्मनी) मालती श्याम (दिल्ली) कत्थक नृत्य की जुगलबंदी, सात्विका शंकर (दिल्ली) एवं पूर्वा धनेश्वरी (दिल्ली) विलासिनी नाट्यम की प्रस्तुति देंगे।
कला संगम शास्त्रीय नृत्य एवं संगीत महोत्सव 2025 का आयोजन 7 एवं 8 जून को बादल भोई म्यूजियम ओपन ऑडिटोरियम खजरी नाका छिंदवाड़ा में होने जा रहा है। इस वर्ष देश एवं विदेश से आए कलाकार विभिन्न शास्त्रीय नृत्य की प्रस्तुतियां देंगे। आयोजक संस्था कला संगम शास्त्रीय नृत्य एवं संगीत महोत्सव समिति छिंदवाड़ा के निर्देशक अमित डोले ने बताया कि कार्यक्रम के प्रथम दिवस 7 जून को पृथ्वीजा बाल गोपालन (चैन्नई) एवं के. पी. राकेश (चैत्रई) भरतनाट्यम जुगलबंदी, सत्यनारायण राजू (बैंगलोर) भरतनाट्यम तथा अमित डोले (छिंदवाड़ा) भरतनाट्यम नृत्य की प्रस्तुति देंगे। दूसरे दिवस 8 जून को दुर्गा आर्या (जर्मनी) मालती श्याम (दिल्ली) कत्थक नृत्य की जुगलबंदी, सात्विका शंकर (दिल्ली) एवं पूर्वा धनेश्वरी (दिल्ली) विलासिनी नाट्यम की प्रस्तुति देंगे।
इस वर्ष से कला संगम की अनोखी पहल, भरतनाट्यम की साधना एवं विकास में जीवन समर्पित करने वाली विद्वान हस्तियों को लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित करेंगे। श्रीमती एनएस. जयलक्ष्मी न केवल रुक्मिणी देवी की नृत्य प्रस्तुतियों में एक प्रमुख कलाकार थीं, बल्कि दुनिया भर के प्रतिष्ठित संस्थानों में एक सम्मानित प्रोफेसर भी थीं। श्रीमती पुष्पा शंकर नृत्य नाटिकाओं में अपने दमदार अभिनय के लिए जानी जाने वाली श्रीमती पुष्पा शंकर कलाक्षेत्र की प्रदर्शनियों की एक प्रमुख सदस्य थीं। श्री आर्यम्बथ जनार्दन कलाक्षेत्र फाउंडेशन के लिए कर्ण सप्तम और श्री पुरंदर जैसे नृत्य-नाटकों की कोरियोग्राफी की है। आर्यम्बथ जनार्दन ने अपने पिता टी. के. चंदू पणिक्कर से कथकली की शिक्षा प्राप्त की और चेन्नई के कलाक्षेत्र फाउंडेशन में रुक्मिणी देवी अरुंडेल से भरतनाट्यम की शिक्षा प्राप्त की। ऐसी विद्वान हस्तियों को सम्मानित करने जा रहा है। समस्त जिले वासियों से निवेदन है कि छिंदवाड़ा में होने जा रहे इस शास्त्रीय नृत्य के अनूठे कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति, सहभागिता एवं सहयोग अवश्य करें। कार्यक्रम में प्रवेश नि: शुल्क है।