आंकड़ों की राजनीति छोड़िए, जमीन पर उतरकर शिक्षा व्यवस्था देखिए: शेषराव यादव
राजनीति
01-Sep-26
छिंदवाड़ा

पूर्व सांसद नकुलनाथ द्वारा शिक्षा व्यवस्था को लेकर दिए गए बयान पर भारतीय जनता पार्टी जिलाध्यक्ष शेषराव यादव ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षा जैसे गंभीर विषय पर राजनीति करने से पहले वास्तविकता को देखना आवश्यक है।
भाजपा जिलाध्यक्ष शेषराव यादव ने कहा कि नकुलनाथ जी ने शिक्षा व्यवस्था पर सवाल तो उठा दिए, लेकिन शायद उन्होंने जमीन पर उतरकर सरकारी स्कूलों की बदलती तस्वीर देखने का प्रयास नहीं किया। उन्हें एक बार जिले के सरकारी स्कूलों का दौरा करना चाहिए। वे स्वयं देखेंगे कि अनेक स्कूलों की अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस नई बिल्डिंग बन चुकी हैं और कई स्थानों पर भवन निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है।
भाजपा जिलाध्यक्ष शेषराव यादव ने कहा कि कागज पर बैठकर आंकड़े गिनना आसान है, लेकिन जमीन पर उतरकर परिवर्तन देखना उससे कहीं अधिक जरूरी है। यदि नकुलनाथ जी वास्तव में शिक्षा व्यवस्था की चिंता करते हैं तो उन्हें किसी सरकारी स्कूल जिसका नव निर्माण कार्य पूरा हो चुका है में जाकर बच्चों से मिलना चाहिए, शिक्षकों से बात करनी चाहिए। साथ ही स्कूलों में हो रहे निर्माण एवं उपलब्ध सुविधाओं को अपनी आंखों से देखना चाहिए।
भाजपा जिलाध्यक्ष शेषराव यादव ने कहा कि राहुल गांधी की तरह केवल शिक्षा बजट के प्रतिशत को आधार बनाकर पूरी व्यवस्था को कठघरे में खड़ा करना अधूरे सत्य को पूर्ण सत्य बताने जैसा है। शिक्षा में वास्तविक निवेश, अधोसंरचना, शिक्षक व्यवस्था, विद्यार्थियों को मिलने वाली सुविधाएं और सरकार द्वारा किए जा रहे सुधारों को भी चर्चा में शामिल करना चाहिए।
भाजपा जिलाध्यक्ष शेषराव यादव ने कांग्रेस पर सवाल उठाते हुए कहा कि दशकों तक सत्ता में रहने के बाद भी यदि कांग्रेस शिक्षा की बुनियादी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं कर सकी, तो आज उन्हीं समस्याओं को लेकर राजनीति करने का नैतिक आधार वह कैसे तलाश रही है? सरकारी स्कूलों की नई इमारतें, आधुनिक सुविधाएं और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उसी परिवर्तन का हिस्सा हैं, जिसे कांग्रेस के नेता जानबूझकर समझने और मानने को तैयार नहीं हैं और जनता जमीन पर देख रही है।