पीजी कॉलेज परिसर बना अखाड़ा, विद्यार्थी परिषद और एनएसयूआई आमने-सामने
छिंदवाड़ा
01-Sep-26
पुलिस प्रशासन को छूटे पसीने, 4 महिला पुलिस कर्मियों को आई चोटें
एनएसयूआई ने कॉलेज का घेराव कर अपनी मांगों से प्रबंधन को कराया अवगत

छिन्दवाड़ा
छिंदवाड़ा के प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस में 17 सूत्रीय मांगों को लेकर एनएसयूआई के प्रदर्शन के दौरान जमकर हंगामा हुआ। पुलिस द्वारा लगाई गई बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश के दौरान एनएसयूआई कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई, जिसमें चार महिला पुलिसकर्मियों घायल हुए। इसी बीच कॉलेज परिसर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं के पहुंचने से विवाद और बढ़ गया। दोनों छात्र संगठनों के आमने-सामने आने पर पुलिस को स्थिति संभालने में मशक्कत करनी पड़ी। मौके पर एसआई अभिषेक चौधरी और आशीष खरे भी पहुंचे, जहां छात्रों के साथ बहस और झूमाझटकी की स्थिति बनी।
कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई ने शिक्षा में फैली अव्यवस्थाओं और विश्वविद्यालयों में जारी तानाशाही के खिलाफ हुंकार भरी। छात्र नेताओं ने एकजुटता के साथ भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए पीजी कॉलेज का घेराव किया। कॉलेज की ओर बढ़ते एनएसयूआई के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं को पुलिस व प्रशासन ने पूरी ताकत के साथ रोकने का प्रयास किया, लेकिन छात्र नेता नहीं डिगे। उन्होंने पूरी ताकत के साथ हल्ला बोल प्रदर्शन कर कॉलेजों में जारी भर्राशाई का खुलकर विरोध किया। छात्रहित में जायज मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस के छात्र नेताओं पर भाजपा से पोषित एबीवीपी के लोगों ने हमला भी किया, लेकिन उनका यह अनैतिक प्रयास विफल रहा।
एनएसयूआई जिला अध्यक्ष अपेक्षा सूर्यवंशी के नेतृत्व में एकजुट हुए छात्र नेताओं ने हल्ला बोल प्रदर्शन व पीजी कॉलेज घेराव के दौरान कहा कि कमलनाथ जी एवं नकुलनाथ जी के कार्यकाल में महाविद्यालय कभी राजनीति का केन्द्र नहीं बनें। लेकिन भाजपा की सरकार से पोषित एबीवीपी का जिले के कॉलेजों में अवैधानिक रूप से कब्जा है। उन्होंने पुलिस और प्रशासन के द्वारा लगाए गए बैरिकेट्स और छात्र नेताओं पर किए गए बल प्रयोग की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि एनएसयूआई का उद्देश्य किसी को क्षति पहुंचाना नहीं था, बल्कि शांतिपूर्ण तरीके से कॉलेज प्रबंधन और प्रशासन तक मांगें पहुंचाना था, लेकिन पुलिस और प्रशासन की आड़ लेकर एबीवीपी ने जो हमला किया वह अनैतिक है, जिसकी एनएसयूआई कड़ी निंदा करती है। आयोजित विरोध प्रदर्शन में गुरूचरण खरे, सोनू मागो, गोलू पटेल, पप्पू यादव, बबला पटेल व नितिन उपाध्याय सहित एनएसयूआई के समस्त पदाधिकारी व कार्यकर्तागण सैकड़ों की संख्या में उपस्थित रहे।