जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की सक्रियता में कमी?
छिंदवाड़ा
07-Jul-26
समाजसेवी सबसे अधिक सक्रिय
छिंदवाड़ा अपडेट के जनमत सर्वे में आए चौंकाने वाले तथ्य
समीक्षक: राम कुमार विश्वकर्मा
छिंदवाड़ा
शहर के विकास, जनसरोकार और सामाजिक गतिविधियों में सबसे अधिक सक्रिय कौन है? इस सवाल पर छिंदवाड़ा अपडेट द्वारा कराए गए जनमत सर्वे में चौंकाने वाले नतीजे सामने आए हैं। सर्वे में 57.7 प्रतिशत लोगों ने इनमें से कोई नहीं विकल्प चुना। यानी आधे से अधिक लोगों का मानना है कि वर्तमान समय में न तो जनप्रतिनिधि, न प्रशासन और न ही अन्य वर्ग अपेक्षित स्तर पर सक्रिय दिखाई दे रहे हैं।
समाजसेवी अधिक सक्रिय
सर्वे के अनुसार, 21.1 प्रतिशत लोगों ने समाजसेवियों को सबसे अधिक सक्रिय माना। इन मतदाताओं का कहना है कि सामाजिक संगठन और स्वयंसेवी विभिन्न क्षेत्रों में जरूरतमंदों की मदद, पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य शिविर, शिक्षा और जनजागरूकता जैसे कार्यों के माध्यम से लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
जनप्रतिनिधि दूसरे नंबर पर
वहीं, 12.7 प्रतिशत लोगों ने जनप्रतिनिधियों को सबसे अधिक सक्रिय बताया। इस वर्ग का मानना है कि जनप्रतिनिधि अपने-अपने क्षेत्रों में विकास कार्यों की निगरानी, जनता से संवाद और विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन में भूमिका निभा रहे हैं। हालांकि यह प्रतिशत अपेक्षाकृत कम रहने से यह संकेत भी मिलता है कि बड़ी आबादी उनसे और अधिक सक्रियता की अपेक्षा रखती है।
प्रशासनिक सक्रियता सबसे कम
दूसरी ओर, 8.5 प्रतिशत लोगों ने प्रशासन को सबसे अधिक सक्रिय माना। इन लोगों का कहना है कि विभिन्न विभागों के अधिकारी नियमित रूप से सरकारी योजनाओं के संचालन, कानून-व्यवस्था, राजस्व, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य प्रशासनिक कार्यों में जुटे हुए हैं। हालांकि सर्वे में प्रशासन को मिले मत सबसे कम रहे।
क्या कहते हैं नतीजे
सर्वे के नतीजे यह भी बताते हैं कि आम नागरिक शहर में अधिक दिखाई देने वाली सक्रियता, त्वरित समस्या समाधान और जनता से सीधे संवाद की अपेक्षा रखते हैं। यही कारण है कि सबसे अधिक मत इनमें से कोई नहीं विकल्प को मिले।

शहर के जानकारों का मानना है कि जनप्रतिनिधियों, प्रशासन और सामाजिक संगठनों के बीच बेहतर समन्वय तथा जमीनी स्तर पर लगातार उपस्थिति से जनता का भरोसा और मजबूत हो सकता है। ऐसे जनमत सर्वे स्थानीय व्यवस्था के प्रति लोगों की सोच और अपेक्षाओं को सामने लाने का माध्यम भी बनते हैं।
नोट: यह रिपोर्ट छिंदवाड़ा अपडेट के जनमत सर्वे पर आधारित है। इसमें व्यक्त आंकड़े सर्वे में शामिल लोगों की राय को दर्शाते हैं, इन्हें किसी आधिकारिक अध्ययन या वैज्ञानिक सर्वेक्षण का निष्कर्ष नहीं माना जाना चाहिए।